सस्ता हो सकता है सोना-चांदी , Fed बैठक और US-Iran वार्ता पर बनाए रखें नजर; ये फैक्टर्स तय करेंगे अगली चाल
सोना और चांदी की कीमतों पर आने वाले सप्ताह में दबाव रह सकता है. बाजार की नजर Fed बैठक, US-Iran वार्ता, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतों और MCX ट्रेंड पर टिकी है. पिछले सप्ताह गोल्ड और सिल्वर दोनों में गिरावट दर्ज की गई. विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर डॉलर मजबूत रहा और वैश्विक तनाव घटा तो कीमतों में और कमजोरी आ सकती है.

Gold Silver Outlook: सोना और चांदी में पिछले सप्ताह तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, और अब आने वाले सप्ताह में भी दोनों पर दबाव बना रह सकता है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की नजर अब US फेडरल रिजर्व की बैठक, US-Iran शांति वार्ता, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी. इन सभी कारकों का सीधा असर गोल्ड और सिल्वर की कीमतों पर पड़ सकता है. घरेलू कमोडिटी बाजार इस सप्ताह शुक्रवार को महाराष्ट्र डे के कारण बंद रहेंगे, जिससे ट्रेडिंग सप्ताह छोटा रहेगा. ऐसे में सीमित कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव और तेज हो सकता है.
पिछले हफ्ते सोना-चांदी में बड़ी गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड फ्यूचर पिछले सप्ताह 1,910 रुपये यानी 1.23 फीसदी टूटकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं सिल्वर फ्यूचर में और बड़ी गिरावट देखने को मिली. चांदी 12,506 रुपये यानी 4.9 फीसदी गिरकर 2.44 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी रही. Comex गोल्ड 138.7 डॉलर यानी 2.8 फीसदी गिरकर 4,740.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. वहीं सिल्वर 5.4 डॉलर यानी 6.6 फीसदी टूटकर 76.41 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.
Fed बैठक क्यों है अहम
JM Financial Services Ltd के EBG – कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के अनुसार, 29 अप्रैल को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमिटी (FOMC) बैठक बेहद महत्वपूर्ण रहेगी. बाजार अब ब्याज दरों, महंगाई और आर्थिक संकेतों पर Fed के रुख को समझने की कोशिश करेगा. अगर Fed सख्त रुख अपनाता है, तो डॉलर मजबूत हो सकता है, जिससे गोल्ड और सिल्वर पर दबाव बढ़ सकता है.
US-Iran वार्ता और कच्चा तेल
दूसरी बड़ी नजर US-Iran बातचीत पर है. अगर दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है, तो गोल्ड की मांग घट सकती है. वहीं अगर तनाव बढ़ता है, तो सोने में फिर खरीदारी लौट सकती है. हाल में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव के चलते क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया था. कच्चे तेल की तेजी महंगाई बढ़ा सकती है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है.
रुपये की कमजोरी ने दिया सहारा
विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू बाजार में गोल्ड की गिरावट सीमित रही, क्योंकि पिछले सप्ताह रुपया करीब 1.4 फीसदी कमजोर हुआ. जब रुपया गिरता है, तो आयातित सोना महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू कीमतों को सपोर्ट मिलता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, गोल्ड निचले स्तरों पर सपोर्ट ले सकता है, लेकिन अगर डॉलर मजबूत बना रहा और भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ, तो और गिरावट संभव है. सिल्वर में ज्यादा उतार-चढ़ाव रह सकता है.
आगे क्या रहेगा फोकस
इस सप्ताह बाजार की नजर Fed बैठक, डॉलर इंडेक्स, US आर्थिक आंकड़ों, क्रूड ऑयल और वेस्ट एशिया तनाव पर रहेगी. अगर केंद्रीय बैंक नरम संकेत देते हैं या वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो गोल्ड और सिल्वर में फिर तेजी लौट सकती है.
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