Gold-Silver Price Today 17-02-2026: सस्ते हुए सोने और चांदी, ₹5000 तक टूटे भाव; जानें नई कीमतें

Gold-Silver Rate Today 17-02-2026 Latest News Updates: कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेत और घरेलू मांग में सुस्ती के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना-चांदी के दामों में तेज गिरावट आई। चांदी ₹5,000 प्रति किलो और सोना ₹2,200 प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ, जबकि आगे की कीमतें अमेरिकी आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेंगी।

सोने चांदी का भाव Image Credit: Money9live/Canva

Gold and Silver New Rate: वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत और घरेलू मांग में सुस्ती के कारण मंगलवार, 17 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई. राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुएं करीब 2 फीसदी तक सस्ती हो गईं, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों के लिए कीमतों में कुछ राहत देखने को मिली.

चांदी में बड़ी गिरावट

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी के दाम में 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई. इसके बाद चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलो से फिसलकर 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर आ गई. औद्योगिक इस्तेमाल और निवेश मांग दोनों में कमजोरी के कारण चांदी पर दबाव बना रहा.

सोना भी हुआ सस्ता

सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई. 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 2,200 रुपये प्रति 10 ग्राम घटकर 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. यानी पीली धातु में लगभग 1.4 फीसदी की कमजोरी आई.

गिरावट की बड़ी वजहें

कमोडिटी विश्लेषकों के मुताबिक, एशियाई बाजारों में छुट्टियों के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा, जिससे लिक्विडिटी घट गई. साथ ही अमेरिका में अपेक्षाकृत नरम मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद को मजबूत किया. इससे डॉलर में उतार-चढ़ाव और जोखिम वाली परिसंपत्तियों की ओर रुझान बढ़ा, जिससे सोने-चांदी की मांग कमजोर हुई.

अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर

वैश्विक बाजारों में भी दोनों धातुओं पर दबाव बना रहा. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट सिल्वर लगभग 2 फीसदी से ज्यादा गिरकर करीब 74.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि स्पॉट गोल्ड भी करीब 1 फीसदी से ज्यादा टूटकर लगभग 4,938 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता और दूसरे जियोपॉलिटिकल घटनाक्रमों को लेकर निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं, जिससे सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग फिलहाल कमजोर बनी हुई है.

चीन की छुट्टियों का भी असर

चीन दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में शामिल है. वहां लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण बाजारों में सक्रियता कम रही, जिससे वैश्विक मांग पर असर पड़ा. बड़े खरीदार की अनुपस्थिति से कीमतों पर दबाव बढ़ गया और बिकवाली तेज हो गई.

आगे क्या रहेगा फोकस?

विशेषज्ञों के मुताबिक, निकट भविष्य में कीमतों की दिशा कई वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी. इनमें अमेरिकी रोजगार आंकड़े, ब्याज दरों से जुड़े संकेत और रूस-यूक्रेन जैसे जियो पॉलिटिकल घटनाक्रम प्रमुख हैं. अगर रिस्क की स्थिति बढ़ती है तो सोने की सुरक्षित निवेश के रूप में मांग फिर बढ़ सकती है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं.

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