भारत-फ्रांस मिलकर बनाएंगे एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ाने वाला हेलिकॉप्टर, दुनिया भर में होगा एक्सपोर्ट

हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन भारत–फ्रांस साझेदारी में एक अहम माना जा रहा है. यह पहल न सिर्फ डिफेंस और टेक्नोलॉजी सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट क्षमता को भी नई दिशा दे सकती है

भारत-फ्रांस डील Image Credit: social media

भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को कर्नाटक के वेमगल में हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया. यह असेंबली लाइन एयरबस के H125 हेलिकॉप्टरों के उत्पादन के लिए बनाई गई है.

‘डीप ट्रस्ट’ का प्रतीक बना प्रोजेक्ट

प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रोजेक्ट को भारत–फ्रांस के बीच डीप ट्रस्ट का मजबूत उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर भारत में ऐसा हेलिकॉप्टर बनाएंगे, जिसे उन्होंने दुनिया का एकमात्र हेलिकॉप्टर बताया जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक उड़ान भर सकता है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह हेलिकॉप्टर ग्लोबल लेवल पर एक्सपोर्ट किया जाएगा.

रणनीतिक और औद्योगिक सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहल भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते रणनीतिक और औद्योगिक सहयोग को दर्शाती है. खासतौर पर हाई-टेक्नोलॉजी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में यह साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है. नई असेंबली लाइन से भारत की एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट भारत को ग्लोबल एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे.

इसके अलावा भारत के अपने चौथे ऑफिशियल दौरे पर PM मोदी के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद देते हुए, मैक्रों ने कहा, ‘भारत और फ्रांस के बीच आपसी रिश्ते सच में बहुत अच्छे और अनोखे हैं. यह रिश्ता भरोसे, खुलेपन और बड़ी उम्मीदों वाला है.

द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा

इस दौरान दोनों नेताओं ने डिफेंस, स्किलिंग, टेक्नोलॉजी सहयोग, व्यापार और हेल्थ से जुड़े 20 से अधिक समझौतों और आउटकम की घोषणा भी की. राष्ट्रपति मैक्रों AI समिट 2026 में भाग लेने और हाई-लेवल वार्ता के लिए तीन दिन के भारत दौरे पर हैं. बातचीत में व्यापार, डिफेंस, एनर्जी और जरूरी टेक्नोलॉजी में संबंधों को बढ़ाने पर ध्यान दिया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को गहरा करने के अपने साझा कमिटमेंट पर जोर दिया.

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