टूटेंगे Hindalco और NALCO के शेयर! InCred Equities ने घटाई रेटिंग, जानें क्यों आएगी भयंकर बिकवाली ?
आने वाले समय मे इन दोनों शेयरों में गिरावट देखने को मिल सकती है. ब्रोकरेज का कहना है कि आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ कमजोर रह सकती है और एल्युमिनियम की कीमतों में गिरावट का सीधा असर कमाई पर पड़ेगा. InCred ने Hindalco के लिए 631 रुपये का टारगेट दिया है. वहीं, सरकारी कंपनी NALCO के लिए 302 रुपये का टारगेट रखा है.
मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनियों Hindalco और नेशनल एल्युमिनियम कंपनी यानी NALCO के शेयर मंगलवार को दबाव में रहे. Hindalco करीब 3 प्रतिशत और NALCO लगभग 4 प्रतिशत टूटे. ब्रोकरेज फर्म InCred Equities ने दोनों शेयरों को डाउनग्रेड कर रिड्यूस कर दिया है. ब्रोकरेज का कहना है कि आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ कमजोर रह सकती है और एल्युमिनियम की कीमतों में गिरावट का सीधा असर कमाई पर पड़ेगा. InCred ने Hindalco के लिए 631 रुपये का टारगेट दिया है, जो प्रीवियस क्लोजिंग प्राइस 907 रुपये से करीब 30 प्रतिशत नीचे है. वहीं सरकारी कंपनी NALCO के लिए 302 रुपये का टारगेट बताया है, जो पिछले क्लोज से करीब 13.21 प्रतिशत का डाउनसाइड है.
एल्युमिनियम की कीमतों में 20 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका
ब्रोकरेज का मानना है कि एल्युमिनियम की हालिया तेजी ज्यादा मैक्रो फैक्टर, खासकर कमजोर अमेरिकी डॉलर की उम्मीद पर आधारित थी, न कि मजबूत डिमांड पर. मौजूदा दामों पर दुनिया के ज्यादातर स्मेल्टर फायदे में हैं.
ऊंची कीमतें स्क्रैप कलेक्शन को भी बढ़ावा दे रही हैं. प्राइमरी और स्क्रैप के बीच का स्प्रेड लंबी अवधि के औसत से दो स्टैंडर्ड डिविएशन ऊपर चल रहा है, जो आम तौर पर रीसाइक्लिंग बढ़ने का संकेत देता है. इंटरनेशनल एल्युमिनियम इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में करीब 1.4 अरब टन इस्तेमाल हो चुका एल्युमिनियम मौजूद है. स्क्रैप रेट ऐतिहासिक 1.4 से 1.5 प्रतिशत से बढ़कर 1.7 प्रतिशत तक जा सकती है. ऐसे में जब मैक्रो सपोर्ट घटेगा और स्क्रैप सप्लाई बढ़ेगी तो अगले एक साल में एल्युमिनियम कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है. इसका सीधा असर Hindalco और NALCO की कमाई पर पड़ेगा.
NALCO की कमाई पर दोहरा दबाव
- NALCO के मामले में ब्रोकरेज का कहना है कि एल्युमिनियम कीमतों में नरमी से कमाई पर असर पड़ेगा, हालांकि एल्युमिना वॉल्यूम बढ़ने से कुछ राहत मिल सकती है. फिर भी अगर अतिरिक्त मेटल सप्लाई स्क्रैप से आती रही तो 2500 डॉलर प्रति टन के आसपास एल्युमिनियम की कीमत टिके रहना मुश्किल होगा.
- वित्त वर्ष 27 के लिए एल्युमिना की कीमत 325 डॉलर प्रति टन मानी गई है, जो अनुमानित एल्युमिनियम कीमत का करीब 13 प्रतिशत है. यह अनुपात वित्त वर्ष 26 के 10 प्रतिशत से बढ़कर 13 प्रतिशत माना गया है. इसके बावजूद EBITDA वित्त वर्ष 26 के 72.6 अरब रुपये से घटकर वित्त वर्ष 28 में 61.7 अरब रुपये रहने का अनुमान है.
- इसके अलावा NALCO अपना एल्युमिना विस्तार ऐसे समय पर शुरू कर रही है जब एल्युमिना की कीमतों में नरमी है. ऐतिहासिक तौर पर एल्युमिना की कीमतें एल्युमिनियम की कीमत का 16 से 17 प्रतिशत रहती थीं, लेकिन हाल में यह घटकर करीब 10 प्रतिशत रह गई हैं. इससे दोनों के बीच कीमतों का तालमेल कमजोर पड़ता दिख रहा है.
इसे भी पढ़ें- ₹25 से सस्ते इस शेयर में तूफानी तेजी, एक दिन में 19% चढ़ा, Q3 रिजल्ट में दिखा दम, AI प्रोजेक्ट से भी मिला बूस्ट
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Choice Broking ने इन 3 शेयरों पर लगाया दांव! एक हफ्ते में आ सकती है रैली, रखें पैनी नजर
RVNL के साथ इस इंफ्रा कंपनी को मिला ₹1201 करोड़ का ऑर्डर, 5 साल में दिया 1000% से ज्यादा रिटर्न; रखें नजर
कॉपर में भारी गिरावट, क्या यह सिर्फ कंसोलिडेशन है या बड़ी गिरावट का संकेत? जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय
