RVNL के साथ इस इंफ्रा कंपनी को मिला ₹1201 करोड़ का ऑर्डर, 5 साल में दिया 1000% से ज्यादा रिटर्न; रखें नजर
इस इंफ्रा कंपनी को वाराणसी में गंगा पर रेल-कम-रोड ब्रिज निर्माण का 1,201 करोड़ रुपये का बड़ा ठेका मिला है, जिसमें कंपनी की हिस्सेदारी करीब 480 करोड़ रुपये है. मजबूत ऑर्डर बुक, डिविडेंड और बेहतर मार्जिन के कारण यह इंफ्रा स्टॉक अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर में रह सकता है. जानें डिटेल्स.
GPT Infra Bagged Railway Order: रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी GPT Infraprojects Ltd को एक बड़ा सरकारी ऑर्डर मिला है, जिसके बाद यह शेयर आने वाले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर में रह सकता है. कंपनी ने मंगलवार, 17 फरवरी को बताया कि उसे नॉर्दर्न रेलवे से वाराणसी में गंगा नदी पर रेल-कम-रोड ब्रिज बनाने का बड़ा ठेका मिला है. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1,201.36 करोड़ रुपये है.
क्या है काम?
यह ऑर्डर Northern Railway के CAO CON की ओर से दिया गया है और इसे रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के साथ संयुक्त उद्यम (JV) में पूरा किया जाएगा. कंपनी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में GPT Infraprojects की हिस्सेदारी 40 फीसदी है, जिसकी अनुमानित वैल्यू 480.54 करोड़ रुपये बैठती है.

वाराणसी में बनेगा नया डबल-डेकर पुल
एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह नया रेल-कम-रोड ब्रिज काशी रेलवे स्टेशन के पास मौजूदा मालवीय ब्रिज से लगभग 50 मीटर नीचे की ओर बनाया जाएगा. प्रोजेक्ट के तहत ब्रिज नंबर 11 का डिजाइन और निर्माण किया जाएगा. इस पुल की संरचना काफी बड़ी और जटिल होगी. इसमें 108.5 मीटर के 8 स्पैन और 103.3 मीटर के 2 स्पैन शामिल होंगे, जिनमें ओपन वेब स्टील गर्डर का इस्तेमाल किया जाएगा. पुल का निचला हिस्सा चार रेलवे लाइनों के लिए तैयार किया जाएगा, जबकि ऊपरी हिस्से पर छह लेन की सड़क बनेगी. यानी यह पुल रेल और सड़क दोनों यातायात को संभालेगा.
सिर्फ पुल ही नहीं, पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा
प्रोजेक्ट में केवल मुख्य पुल का निर्माण ही शामिल नहीं है. इसके साथ रेलवे और सड़क के एप्रोच मार्ग, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE) और सामान्य विद्युत कार्य भी किए जाएंगे. यह काम नॉर्दर्न रेलवे के लखनऊ डिवीजन के अंतर्गत पूरा किया जाएगा. कंपनी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को निर्धारित तारीख से 1,461 दिनों यानी लगभग चार वर्षों में पूरा करना होगा.

क्यों फोकस में रह सकता है शेयर?
इतने बड़े ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत होगी और भविष्य की इनकम की दृश्यता बेहतर हो सकती है. इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए बड़े सरकारी प्रोजेक्ट अक्सर निवेशकों का भरोसा बढ़ाते हैं, इसलिए संभावना है कि अगला ट्रेडिंग सत्र इस स्टॉक के लिए अहम साबित हो. मंगलवार, 17 फरवरी को कंपनी के शेयर NSE पर 4.10 फीसदी की बढ़त के साथ 127.21 रुपये पर बंद हुए. हालांकि तेजी सीमित रही, लेकिन बड़े कॉन्ट्रैक्ट की खबर के बाद आने वाले दिनों में इसमें हलचल बढ़ सकती है.
शेयरों की रिटर्न हिस्ट्री कैसी है?
पिछले एक हफ्ते में स्टॉक के भाव में 20 फीसदी से ज्यादा की तेजी आ चुकी है. हालांकि, साल भर के दौरान स्टॉक में काफी उतार-चढ़ाव आया. 1 साल में शेयर की कीमत 26 फीसदी तक बढ़ी है. लेकिन लॉन्ग टर्म में स्टॉक ने दमदार तेजी दिखाई है. 3 साल के दौरान स्टॉक 387 फीसदी और 5 साल में 1033 फीसदी तक उछल चुका है. कंपनी का मार्केट कैप 1,547 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
तिमाही नतीजे कैसे रहे?
कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो तीसरी तिमाही में मिला-जुला नतीजा सामने आया. कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर लगभग 6 फीसदी घटकर 20.1 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 21.4 करोड़ रुपये था. वहीं रेवेन्यू में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कंपनी की इनकम 2.1 फीसदी बढ़कर 283.9 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 278 करोड़ रुपये थी. EBITDA 11.7 फीसदी बढ़कर 38.2 करोड़ रुपये रहा और ऑपरेटिंग मार्जिन भी सुधरकर 13.4 फीसदी हो गया, जो एक साल पहले 12.3 फीसदी था. यानी लागत नियंत्रण के कारण मुनाफे की क्वालिटी बेहतर हुई है.
निवेशकों के लिए डिविडेंड भी
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 7.5 फीसदी का दूसरा अंतरिम लाभांश भी घोषित किया था, जो प्रति शेयर 0.75 रुपये (फेस वैल्यू 10 रुपये) के बराबर है. इसके लिए कंपनी ने 3 फरवरी को रिकॉर्ड डेट के तौर पर तय किया था. यह शेयरधारकों के लिए अतिरिक्त आकर्षण का कारण बन सकता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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