Nifty Outlook May 29: किस लेवल पर है निफ्टी का सपोर्ट, शुक्रवार को कैसी रहेगी मार्केट; एक्सपर्ट्स से जानें- आउटलुक
Nifty Outlook May 29: पश्चिम एशिया में संभावित शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते निवेशक सतर्क हो गए थे. बड़े शेयरों की कम भागीदारी का असर भी दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला. गुरुवार को बाजार बंद रहेगा. शुक्रवार को बाजार की चाल कैसी रहेगी, आइए एक्सपर्ट्स से समझ लेते हैं.
Nifty Outlook May 29: बुधवार 27 मई को भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा कोई बदलाव नहीं दिखा, क्योंकि ईरान पर अमेरिका के नए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में संभावित शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते निवेशक सतर्क हो गए थे. बड़े शेयरों की कम भागीदारी का असर भी दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला. गुरुवार को बाजार बंद रहेगा. शुक्रवार को बाजार की चाल कैसी रहेगी, आइए एक्सपर्ट्स से समझ लेते हैं.
सीमित दायरे में ही रहा निफ्टी
HDFC सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, नंदिश शाह ने कहा कि निफ्टी में गिरावट का सिलसिला दूसरे सत्र में भी जारी रहा और यह मामूली रूप से 6 अंक गिरकर 23,907 पर बंद हुआ. गुरुवार को बाजार की छुट्टी से पहले निफ्टी एक सीमित दायरे में ही रहा. पिछले सत्र की तुलना में NSE कैश मार्केट का टर्नओवर 6 फीसदी बढ़ा. इंडेक्स में शामिल शेयरों में, Tata Motors, Hindalco और Power Grid ने सबसे ज्यादा बढ़त हासिल की, जबकि ONGC, HDFC Bank और HDFC Life सबसे अधिक गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे.
सेक्टोरल रुझान मिले-जुले रहे, जिसमें मीडिया, मेटल्स और ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया. दूसरी ओर फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक्स, IT और FMCG इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए.
ब्रॉडर मार्केट बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करते रहे, जिसमें Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 क्रमशः 0.42% और 0.15% ऊपर चढ़े. बाजार की चाल पॉजिटिव रही, जो BSE के 1.19 के बढ़त-गिरावट रेश्यो से जाहिर होती है. यह मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में लगातार बनी हुई दिलचस्पी को दर्शाता है.
फ्लैट बंद हुआ रुपया
शुरुआती कमजोरी के बावजूद, भारतीय रुपया दिन के निचले स्तरों से उबरकर मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ. इसे कच्चे तेल की नरम कीमतों और अमेरिकी डॉलर में व्यापक गिरावट से सहारा मिला. महीने के अंत में डॉलर की मांग में आई कमी ने भी छुट्टी से पहले मार्केट में देर से आई रिकवरी में मदद की.
इमिडिएट रेजिस्टेंस
उन्होंने कहा कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो, निफ्टी 24,000 के स्तर के पास अपने 50-DEMA के इर्द-गिर्द घूम रहा है और हाल ही में बना 24,100 का उच्च स्तर इसके लिए इमिडिएट रेजिस्टेंस (resistance) का काम कर रहा है. निचले स्तर पर 23,800 पर इसे सहारा (Support) मिलता दिख रहा है. यह वह स्तर है जहां पिछली तेजी (Breakout) 20-DEMA के साथ मेल खाती है. वहीं, 23,600 के पास एक मजबूत बेस बना हुआ है. जब तक कोई निर्णायक तेजी (breakout) बाजार की दिशा स्पष्ट नहीं कर देती, तब तक ये स्तर ही शॉर्ट टर्म में बाजार की चाल को दिशा देते रहेंगे.
कंसोलिडेशन का दौर
SAMCO Securities के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट, धूपेश धमेजा ने कहा कि Nifty में एक और सुस्त और सीमित दायरे वाला ट्रेडिंग सेशन देखने को मिला, क्योंकि बेंचमार्क मजबूत खरीदारी को आकर्षित करने में नाकाम रहा और 6.55 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 23,907.15 (-0.03%) पर बंद हुआ. इंडेक्स को 23,998 के आसपास मौजूद गिरते हुए 50-DEMA के पास लगातार रुकावट का सामना करना पड़ा, जो ऊंचे स्तरों पर लगातार सप्लाई के दबाव और ट्रेडर्स के बीच सतर्क रुख का संकेत देता है.
टेक्निकल रूप से निचले स्तरों से हालिया रिकवरी के बाद इंडेक्स अभी भी समय के हिसाब से कंसोलिडेशन के दौर में बना हुआ है. 23,980–24,000 का जोन एक इमिडिएट रुकावट वाले समूह के रूप में उभरा है, जबकि बड़ी रुकावट 24,264 के अहम 0.50 Fibonacci retracement स्तर के पास बनी हुई है.
अहम सपोर्ट बेस
निचले स्तर पर 23,800–23,770 का पिछला रुकावट वाला जोन अब एक अहम सपोर्ट बेस में बदल गया है, जो गिरावट आने पर चुनिंदा खरीदारी को दिखाता है. मोमेंटम इंडिकेटर्स धीरे-धीरे स्थिर हो रहे हैं. डेली RSI 51.35 के पास है, जो इंटरनल मजबूती में सुधार तो दिखाता है, लेकिन तेज मोमेंटम में बढ़ोतरी की कमी भी दर्शाता है. India VIX में 7.13 फीसदी की तेज गिरावट आई और यह 14.98 पर आ गया, जो उतार-चढ़ाव में कमी और बाज़ार की नियंत्रित स्थितियों का संकेत देता है.
उन्होंने कहा कि डेरिवेटिव्स के नजरिए से, PCR 0.85 के पास है, जो थोड़े सतर्क रुख का संकेत देता है. 24,000–24,200 के स्ट्राइक जोन में काफी कॉल राइटिंग देखने को मिल रही है, जबकि पुट राइटर्स 23,900–23,800 के जोन को बचाने की कोशिश जारी रखे हुए हैं. कुल मिलाकर, इंडेक्स एक बड़े कंसोलिडेशन बैंड के अंदर फंसा हुआ है और इस दायरे के किसी भी तरफ निर्णायक ब्रेकआउट होने पर ही बाजार में अगली दिशात्मक चाल आने की संभावना है.
लार्ज कैप बने रहे आकर्षक
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ‘मुख्य इंडेक्स एक दायरे में बने हुए हैं, जबकि मिडकैप एक नए जोन में आ गए हैं. इसे घरेलू निवेश में हो रही रिकवरी का सहारा मिला है, जो FII की बिकवाली के असर को कम कर रही है. यह बदलाव कमाई और वैल्यूएशन में बदलाव की उम्मीदों को दिखाता है, क्योंकि US-ईरान शांति की संभावनाएं बेहतर हो रही हैं.
हालांकि, Q1FY27 थोड़ा कमजोर रह सकता है, लेकिन भारत के मजबूत मैक्रो फंडामेंटल्स बताते हैं कि एक कमजोर तिमाही से पूरे आउटलुक में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं है. कम समय के लिए, लार्ज कैप आकर्षक बन रहे हैं क्योंकि वे अपने लंबे समय के प्रीमियम से नीचे ट्रेड कर रहे हैं. साथ ही, पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों के आधार पर FII की बिकवाली कम होने से इस सेगमेंट में फिर से तेजी आने की संभावना है.’
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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