इंडिया-यूएस डील के बाद फोकस में रेयर अर्थ स्टॉक्स, इन 3 कंपनियों को रखें रडार पर; मिल सकता है बड़ा फायदा
इंडिया-यूएस क्रिटिकल मिनरल्स डील के बाद रेयर अर्थ सेक्टर एक बार फिर निवेशकों के रडार पर आ गया है. चीन पर वैश्विक निर्भरता कम करने की दिशा में इस समझौते को बड़ा कदम माना जा रहा है. ये भारतीय कंपनियां रेयर अर्थ और ईवी सप्लाई चेन से जुड़ी होने के कारण चर्चा में हैं. रेयर अर्थ मिनरल्स, मैग्नेट्स, ईवी मोटर्स और डिफेंस टेक्नोलॉजी से जुड़े कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है.
Rare Earth Stocks India: भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए क्रिटिकल मिनरल्स डील के बाद रेयर अर्थ सेक्टर एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस समझौते को वैश्विक सप्लाई चेन में बड़ा बदलाव माना जा रहा है. माना जा रहा है कि यह डील चीन पर दुनिया की निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है. इसी बीच रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़ी भारतीय कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की नजरें टिक गई हैं. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में रेयर अर्थ सेक्टर में बड़ा निवेश देखने को मिल सकता है और इससे कई भारतीय कंपनियों को फायदा हो सकता है.
GMDC पर बढ़ी बाजार की नजर
रेयर अर्थ सेक्टर से जुड़ी जिन भारतीय कंपनियों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उनमें जीएमडीसी का नाम सबसे ऊपर है. गुजरात सरकार की इस कंपनी का मुख्य कारोबार माइनिंग और पावर जनरेशन से जुड़ा हुआ है. कंपनी लिग्नाइट, बॉक्साइट, फ्लुओरस्पार, मैंगनीज, सिलिका सैंड और लाइमस्टोन जैसे मिनरल्स के कारोबार में सक्रिय है. हाल के वर्षों में जीएमडीसी ने रेयर अर्थ मिनरल्स सेक्टर में भी तेजी से विस्तार किया है.
कंपनी नियोडिमियम, प्रासियोडिमियम, लैंथेनम और सेरियम जैसे रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर काम कर रही है. अंबाडुंगर में मौजूद रेयर अर्थ डिपॉजिट को दुनिया के बड़े रेयर अर्थ प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है. कंपनी भरूच में एक रेयर अर्थ प्रोसेसिंग हब भी विकसित कर रही है, जहां रेयर अर्थ ऑक्साइड्स और मैग्नेट्स तैयार किए जाएंगे. बुधवार को कंपनी का शेयर 0.86 फीसदी बढ़कर 699.10 रुपये पर पहुंच गया.
Permanent Magnets को मिल सकता है बड़ा फायदा
मुंबई स्थित परमानेंट मैग्नेट्स भी इस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल है. कंपनी अल्निको मैग्नेट्स, मैग्नेटिक असेंबलीज और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में इस्तेमाल होने वाले मैग्नेट कंपोनेंट्स का निर्माण करती है. इसकी सहायक कंपनी क्वांटम मैग्नेटिक्स भारत में नियोडिमियम मैग्नेट्स और मैग्नेट असेंबलीज बनाती है.
कंपनी ने FY25 और FY26 के दौरान बड़ा कैपेक्स किया है, जिससे उसकी उत्पादन क्षमता और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बढ़ती मांग और इंडिया-यूएस ट्रेड डील से कंपनी को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है. बुधवार को कंपनी का शेयर 1.42 फीसदी गिरकर 855 रुपये पर पहुंच गया.
Sterling Tools भी बना निवेशकों की पसंद
स्टर्लिंग टूल्स भी रेयर अर्थ थीम से जुड़ी कंपनियों में तेजी से उभर रही है. कंपनी ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए हाई-टेंसाइल फास्टनर्स बनाती है. इसके अलावा कंपनी ने रेयर अर्थ मैग्नेट-फ्री ट्रैक्शन मोटर्स के निर्माण में भी एंट्री की है. स्टर्लिंग टूल्स ने यूके की एडवांस्ड इलेक्ट्रिक मशीन्स के साथ टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग एग्रीमेंट किया है.
इसके जरिए कंपनी हरियाणा के फरीदाबाद प्लांट में रेयर अर्थ-फ्री ईवी मोटर्स का निर्माण करेगी. कंपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपोनेंट्स और ईवी पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी विस्तार कर रही है. बुधवार को कंपनी का शेयर 0.92 फीसदी गिरकर 233.54 रुपये पर बंद हुआ.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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