सरकार ने प्रमुख पेट्रोकेमिकल्स से कस्टम ड्यूटी हटाई, युद्ध से महंगाई का डर, इन सेक्टर्स को मिलेगी राहत
पेट्रोकेमिकल्स का देश की प्रमुख इंडस्ट्री में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होता है. इसमें फार्मा, पेंट, टेक्सटाइल से लेकर खिलौनों तक की इंडस्ट्री शामिल हैं. यह सभी सेक्टर न केवल बड़े पैमाने पर पेट्रोकेमिकल आयात करते हैं. बल्कि इन इंडस्ट्री में बड़ी मात्रा में लोगों को रोजगार भी मिलता है.
Government Waives Custom Duty on Petrochemical Products: भारत सरकार ने ईरान-अमेरिका-ईजरायल युद्ध की वजह से सप्लाई चेन में आई दिक्कतों को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने प्रमुख केमिकल पर इंपोर्ट ड्यूटी को अस्थायी रूप से समाप्त करने का फैसला किया है. सरकार का यह कदम मुख्य रूप से उन उद्योगों को ध्यान में रखकर लिया गया है जो मुख्य तौर पर पेट्रोकेमिकल रसायनों पर निर्भर हैं. जिसकी वजह से पेट्रोकेमिकल और अन्य संबंधित क्षेत्रों में कच्चे माल की कमी उत्पादन को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में आयात शुल्क हटाने से इन केमिकल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और इंडस्ट्री को जरूरी संसाधन समय पर मिल सकेंगे. यह छूट 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी.इस दौरान सरकार द्वारा निर्धारित सूची में शामिल केमिकल के आयात करने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा. इससे आयातकों और इंडस्ट्री को सीधी लागत में कमी का फायदा मिलेगा. जिससे महंगाई पर भी लगाम लग सकेगी.
पेट्रोकेमिकल का कहां होता है यूज
पेट्रोकेमिकल्स का देश की प्रमुख इंडस्ट्री में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होता है. इसमें फार्मा, पेंट, टेक्सटाइल से लेकर खिलौनों तक की इंडस्ट्री शामिल हैं. यह सभी सेक्टर न केवल बड़े पैमाने पर पेट्रोकेमिकल आयात करते हैं. बल्कि इन इंडस्ट्री में बड़ी मात्रा में लोगों को रोजगार भी मिलता है. ऐसे अगर कच्चे माल की लागत बढ़ती है तो न केवल महंगाई बढ़ने का डर हैं, बल्कि मांग कम होने से नौकरियों पर भी संकट आ सकता है. क्योंकि इस समय ग्लोबल लेवल पर सप्लाई चेन भू-राजनीतिक तनावों के कारण बुरी तरह से प्रभावित हो रही है.
इसका असर
- घरेलू उद्योगों को राहत मिलेगी
- उत्पादन लागत कम हो सकती है
- सप्लाई में कमी और महंगाई का दबाव घट सकता है
- देश में रसायनों की सप्लाई बनी रहेगी
- उद्योगों को कच्चा माल आसानी से मिल सकेगा
- उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों स्थिर बनी रहेंगी
इन पेट्रोकेमिकल के आयात पर राहत
| सूची | उत्पाद का नाम |
|---|---|
| 1 | एनहाइड्रस अमोनिया |
| 2 | टोल्यून |
| 3 | स्टायरीन |
| 4 | डायक्लोरोमेथेन (मेथिलीन क्लोराइड) |
| 5 | विनाइल क्लोराइड मोनोमर |
| 6 | मेथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) |
| 7 | आइसोप्रोपाइल अल्कोहल |
| 8 | मोनोएथीलीन ग्लाइकोल (MEG) |
| 9 | फिनॉल |
| 10 | एसेटिक एसिड |
| 11 | विनाइल एसेटेट मोनोमर |
| 12 | प्योरिफाइड टेरेफ्थालिक एसिड (PTA) |
| 13 | एथिलीनडायमाइन |
| 14 | डायएथेनोलामाइन और मोनोएथेनोलामाइन |
| 15 | टोल्यून डाई आइसोसायनाइट |
| 16 | अमोनियम नाइट्रेट |
| 17 | लाइनियर अल्काइलबेंजीन |
| 18 | एथिलीन के पॉलिमर (Ethylene-vinyl acetate सहित) |
| 19 | पॉलीप्रोपाइलीन |
| 20 | पॉलीस्टीरीन |
| 21 | स्टायरीन-एक्रिलोनिट्राइल (SAN) |
| 22 | एक्रिलोनिट्राइल-ब्यूटाडीन-स्टायरीन (ABS) |
| 23 | पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) |
| 24 | पॉलीटेट्राफ्लोरोएथिलीन (PTFE) |
| 25 | पॉलीविनाइल एसीटेट |
| 26 | पॉलीविनाइल अल्कोहल |
| 27 | पॉली (मेथाइल मेथाक्रिलेट) |
| 28 | पॉलीऑक्साइमिथिलीन (POM – एसीटल) |
| 29 | पॉलीओल्स |
| 30 | पॉलीईथर ईथर कीटोन |
| 31 | पॉलीकार्बोनेट्स |
| 32 | एपॉक्सी रेज़िन्स |
| 33 | अल्काइड रेज़िन्स |
| 34 | पॉलीइथीलीन टेरेफ्थलेट (PET) चिप्स |
| 35 | अनसेचुरेटेड पॉलीएस्टर रेज़िन्स |
| 36 | पॉलीब्यूटिलीन टेरेफ्थलेट |
| 37 | फॉर्मेलडिहाइड, यूरिया फॉर्मेलडिहाइड, मेलामाइन फॉर्मेलडिहाइड, फिनॉल फॉर्मेलडिहाइड |
| 38 | पॉलीयुरेथेन्स |
| 39 | पॉलीफिनाइलीन सल्फाइड (PPS) |
| 40 | पॉलीब्यूटाडीन, स्टायरीन-ब्यूटाडीन |
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