मई में भी मजबूत रही भारत की एक्सपोर्ट ग्रोथ; FDI ने बनाया नया रिकॉर्ड; कॉमर्स मिनिस्टर ने दी जानकारी

Piyush Goyal ने कहा है कि मई 2026 में भी भारत का निर्यात मजबूत वृद्धि के रास्ते पर बना हुआ है. अप्रैल में निर्यात 13.78 प्रतिशत बढ़कर 43.56 अरब डॉलर पहुंच गया था और यही तेजी मई में भी जारी है. सरकार के अनुसार वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत में विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास मजबूत बना हुआ है.

मई 2026 में भी भारत का निर्यात मजबूत बना हुआ है. Image Credit: money9live

India Export Growth: भारत के निर्यात क्षेत्र से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है.सेंट्रल कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा है कि मई महीने में भी देश का एक्सपोर्ट मजबूत ग्रोथ के रास्ते पर बना हुआ है. उन्होंने बताया कि अप्रैल में जो तेजी देखने को मिली थी, वही रफ्तार मई के पहले तीन हफ्तों में भी जारी रही. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और कई चुनौतियों के बावजूद भारत लगातार मजबूती से आगे बढ़ रहा है. सरकार का कहना है कि निर्यात, विदेशी निवेश और घरेलू उत्पादन में लगातार सुधार हो रहा है. भारत अब दुनिया के निवेशकों के लिए पसंदीदा बाजार बनता जा रहा है.

मई में भी मजबूत रहा निर्यात

Piyush Goyal ने कहा कि मई के पहले तीन हफ्तों में निर्यात में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है. अप्रैल में भी भारत का निर्यात 13.78 फीसदी बढ़कर 43.56 अरब डॉलर पहुंच गया था. यह पिछले चार सालों में सबसे ऊंचा मासिक निर्यात स्तर माना गया. पेट्रोलियम उत्पादों की मांग और कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों ने इसमें अहम भूमिका निभाई. सरकार का कहना है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय निर्यात क्षेत्र मजबूत बना हुआ है.

व्यापार घाटा भी बढ़ा

हालांकि निर्यात में तेजी के साथ आयात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके कारण व्यापार घाटा बढ़कर 28.38 अरब डॉलर पहुंच गया, जो तीन महीने का सबसे ऊंचा स्तर है. जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं के आयात में बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह रही. सरकार का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग और औद्योगिक गतिविधियों के कारण आयात बढ़ा है. आने वाले महीनों में निर्यात और आयात दोनों पर वैश्विक बाजार की स्थिति का असर देखने को मिल सकता है.

यह भी पढ़ें- रुपये में उतार-चढ़ाव पर सरकार की नजर, लेकिन नहीं होगा सीधा दखल; पीयूष गोयल का बड़ा बयान

FDI में बना नया रिकॉर्ड

सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में FDI 95 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. यह पिछले साल की तुलना में 17 फीसदी ज्यादा है. Piyush Goyal ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के बीच भारत को लेकर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है. निवेशकों के लिए भारत अब एक भरोसेमंद और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन चुका है. सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में भी यह ग्रोथ जारी रहेगी.