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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में फिर आई जान! 93.8 करोड़ डॉलर बढ़ा खजाना, RBI के आंकड़ों ने दी राहत

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देश का विदेशी मुद्रा भंडार फिर बढ़ा है. पिछले कुछ महीनों में वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती और रुपये पर दबाव के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था. हालांकि अब हालात कुछ बेहतर नजर आ रहे हैं.

फॉरेक्स रिजर्व डेटा Image Credit: @GettyImages

Forex Reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देश का विदेशी मुद्रा भंडार फिर बढ़ा है. पिछले कुछ महीनों में वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती और रुपये पर दबाव के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था. हालांकि अब हालात कुछ बेहतर नजर आ रहे हैं.

विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसका इस्तेमाल आयात भुगतान, विदेशी कर्ज चुकाने और आर्थिक संकट के समय मुद्रा को सहारा देने के लिए किया जाता है. विदेशी मुद्रा भंडार जितना मजबूत होता है, देश की आर्थिक स्थिति उतनी ही मजबूत मानी जाती है. विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मिले हैं.

एक हफ्ते में कितना बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार

  • RBI के मुताबिक 30 मई 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 93.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 682.32 अरब डॉलर पर पहुंच गया.
  • इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में 7.51 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी और यह घटकर 681.38 अरब डॉलर रह गया था.

कभी रिकॉर्ड स्तर पर था भंडार

  • इस साल 27 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड 728.49 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था.
  • इसके बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और रुपये पर दबाव के कारण भंडार में लगातार गिरावट देखने को मिली.
  • उस दौरान RBI को रुपये को संभालने के लिए डॉलर बेचने पड़े थे.

विदेशी मुद्रा संपत्ति में बढ़ोतरी

  • विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा संपत्ति (Foreign Currency Assets) होता है.
  • रिपोर्ट के अनुसार यह 3.12 अरब डॉलर बढ़कर 546.15 अरब डॉलर पर पहुंच गया.
  • इसमें डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं.
  • जहां विदेशी मुद्रा संपत्ति बढ़ी, वहीं सोने के भंडार में गिरावट दर्ज की गई.
  • RBI के अनुसार सोने का भंडार 2.19 अरब डॉलर घटकर 112.60 अरब डॉलर रह गया.

SDR और IMF स्थिति

SDR में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 18.75 अरब डॉलर पर स्थिर रहा. वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत की रिजर्व स्थिति 80 लाख डॉलर बढ़कर 4.83 अरब डॉलर हो गई. विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी को अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है. मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार से देश को आयात बिल चुकाने, रुपये को स्थिर रखने और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है.

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