दिसंबर में IIP ग्रोथ दो साल के हाई लेवल 7.8% पर पहुंची, माइनिंग और बिजली उत्पादन में इजाफा

दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में 8.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि माइनिंग में 6.8 फीसदी और बिजली उत्पादन में 6.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. प्रैल-दिसंबर 2025-26 के दौरान इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में 3.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो साल की शुरुआत में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव के बावजूद लगातार विस्तार को दिखाता है.

इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन के आंकड़े. Image Credit: freepik

दिसंबर 2025 में भारत की औद्योगिक गति में तेजी से मजबूती आई, जिसमें इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) में साल-दर-साल 7.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो दो साल से अधिक समय में सबसे तेज रफ्तार है. यह आंकड़ा नवंबर में 7.2 फीसदी के ऊपर की ओर संशोधित विस्तार के बाद आया है, जो सभी सेक्टरों में व्यापक तेजी का संकेत देता है.

कंज्यूमर सेगमेंट में मजबूत डिमांड

बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह तेजी मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग और बिजली में मजबूत ग्रोथ के कारण आई, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर सेगमेंट में मजबूत डिमांड को दिखाती है.

दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में 8.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि माइनिंग में 6.8 फीसदी और बिजली उत्पादन में 6.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

मैन्युफैक्चरिंग ने दिसंबर में तेजी दिखाई

मैन्युफैक्चरिंग के अंदर, दो-डिजिट NIC लेवल पर 23 इंडस्ट्री ग्रुप में से 16 ने महीने के दौरान पॉजिटिव ग्रोथ दर्ज की. सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल प्रोडक्ट्स शामिल थे, जिनमें 34.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर में 33.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और अन्य परिवहन उपकरण में 25.1 प्रतिशत का विस्तार हुआ.

दिसंबर में बेसिक मेटल्स का प्रोडक्शन 12.7 फीसदी बढ़ा, जिसे अलॉय स्टील फ्लैट प्रोडक्ट्स, MS स्लैब्स और स्टील पाइप और ट्यूब्स के ज्यादा प्रोडक्शन से सपोर्ट मिला. डेटा से पता चला कि फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग में भी 10.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जिसमें वैक्सीन, डाइजेस्टिव दवाएं और विटामिन फॉर्मूलेशन की ग्रोथ का योगदान रहा.

इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स

इस्तेमाल के आधार पर क्लासिफिकेशन में इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स में दिसंबर में 12.1 फीसदी की सबसे मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई, इसके बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 12.3 फीसदी की ग्रोथ हुई, जो कैपेक्स-आधारित एक्टिविटी और विवेकाधीन खपत में लगातार तेजी को दिखाता है. कैपिटल गुड्स का आउटपुट 8.1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि इंटरमीडिएट गुड्स में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो बढ़ते निवेश और प्रोडक्शन पाइपलाइन के मजबूत होने के संकेत देता है. इस महीने प्राइमरी गुड्स का आउटपुट 4.4 प्रतिशत बढ़ा.

कुल मिलाकर, अप्रैल-दिसंबर 2025-26 के दौरान इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में 3.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो साल की शुरुआत में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव के बावजूद लगातार विस्तार को दिखाता है. सरकार ने नवंबर 2025 के डेटा का फाइनल रिवीजन भी किया, जिससे साल के आखिर में हेडलाइन इंडस्ट्रियल ग्रोथ में ऊपर की ओर जाने वाले ट्रेंड की पुष्टि हुई.

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