ब्रोकरेज ने IndiGo के शेयर खरीदने की दी सलाह, कहा -₹5659 तक पहुंच सकता है भाव, ये बताए कारण
Equirus Securities ने InterGlobe Aviation (IndiGo) पर कवरेज शुरू करते हुए LONG रेटिंग दी है और मार्च 2027 के लिए ₹5,659 का टारगेट प्राइस तय किया है. इसका मौजूदा CMP ₹4,757 के मुकाबले इसमें करीब 19% की संभावित तेजी देखी जा रही है, जिसे सेक्टर की मल्टी-डिकेड ग्रोथ और IndiGo की 65% मार्केट शेयर सपोर्ट कर रही है.
भारत के एविएशन सेक्टर में लंबी अवधि की मजबूत ग्रोथ स्टोरी के बीच ब्रोकरेज फर्म Equirus Securities ने InterGlobe Aviation Ltd (IndiGo) पर कवरेज शुरू करते हुए शेयर पर LONG रेटिंग दी है यानी शेयर खरीदने की सलाह दी है. ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए मार्च 2027 का टारगेट प्राइस ₹5,659 तय किया है. मौजूदा भाव (CMP) ₹4,757 के मुकाबले इसमें करीब 19% की संभावित तेजी का अनुमान लगाया गया है. यह रिपोर्ट IndiGo को एक साइक्लिकल ट्रेड नहीं, बल्कि स्ट्रक्चरल कंपाउंडिंग स्टोरी के तौर पर पेश करती है.
क्या है ब्रोकरेज की राय
IndiGo का 52-वीक हाई ₹6,233 और 52-वीक लो ₹3,989 रहा है जबकि कंपनी का कुल मार्केट कैप ₹1,83,901.39 करोड़ के आसपास है. ब्रोकरेज का मानना है कि भारत का एविएशन सेक्टर अब एक मल्टी-डिकेड ग्रोथ फेज में प्रवेश कर चुका है जिसे अनुकूल डेमोग्राफी, बढ़ती डिस्क्रेशनरी इनकम, लो पेनिट्रेशन और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का सपोर्ट मिल रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह ग्रोथ अब सिर्फ साइक्लिकल रिकवरी नहीं, बल्कि सेक्युलर कंपाउंडिंग की ओर बढ़ रही है.
Equirus ने कहा कि इंडस्ट्री स्ट्रक्चर में तेज कंसोलिडेशन हुआ है और भारत अब लगभग नियर-मोनोपॉली की स्थिति में पहुंच चुका है जहां IndiGo की करीब 65% घरेलू मार्केट शेयर के साथ स्पष्ट लीडरशिप है. यह स्केल कंपनी को मजबूत अर्निंग्स विजिबिलिटी और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देता है.
ब्रोकरेज को क्या है अनुमान
ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, FY25–FY30E के दौरान कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ करीब 12% CAGR रहने की उम्मीद है. वहीं, EBITDAR करीब 10% CAGR से बढ़ सकता है, जबकि मार्जिन 25–26% के आसपास बने रहने का अनुमान है. प्री-इंड AS EBITDA में करीब 18% CAGR की मजबूत कंपाउंडिंग देखी जा सकती है.
क्यों बुलिश है ब्रोकरेज
रिपोर्ट में FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियमों को एक “स्पीड ब्रेकर” बताया गया है, न कि लॉन्ग टर्म रोडब्लॉक. ब्रोकरेज के अनुसार, नए नियमों से शॉर्ट टर्म ऑपरेशनल दबाव और वन-ऑफ कॉस्ट जरूर आई है लेकिन ये प्रभाव अस्थायी हैं. लंबी अवधि में IndiGo की मजबूत फ्लीट पाइपलाइन, स्केल एडवांटेज और बैलेंस शीट कंपनी की लीडरशिप को बरकरार रखेगी.
Equirus का कहना है कि IndiGo की इंटरनेशनल एक्सपैंशन अब एक ऑप्शन नहीं, बल्कि ग्रोथ इंजन बनती जा रही है. अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर बेहतर नेटवर्क, हाई-फ्रीक्वेंसी और लागत बढ़त से कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और मजबूत होगी.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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