पश्चिमी विक्षोभ से बिगड़ा मौसम का मिजाज, बारिश के साथ 50 KM के रफ्तार से चलेगी आंधी, इन राज्यों में बिगड़ेगा मौसम
IMD के अनुसार, 01 फरवरी तक पहाड़ी राज्यों के कई इलाकों में बर्फबारी और भारी बारिश की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, घना कोहरा और ठंडे हालात बने रह सकते हैं. इसके अलावा जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में निचले और मध्य वायुमंडलीय स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से उत्तर आंतरिक कर्नाटक तक ट्रफ लाइन बनी हुई है. इसके अलावा, पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के इलाकों में भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है.
IMD Weather Update: जैसे-जैसे ठंड का मौसम अपने आखिरी चरण में पहुंच रहा है, वैसे-वैसे मौसम का मिजाज भी बदलता जा रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश, बर्फबारी, कोहरा और ठंड का असर देखने को मिलेगा. IMD के अनुसार, 01 फरवरी तक पहाड़ी राज्यों के कई इलाकों में बर्फबारी और भारी बारिश की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, घना कोहरा और ठंडे हालात बने रह सकते हैं.
पश्चिमी विक्षोभ का असर
31 जनवरी से 02 फरवरी के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा. 01 फरवरी को भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है. इसके अलावा, 31 जनवरी से 02 फरवरी के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और उनसे सटे मध्य भारत में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
कहां-कहां कैसा रहेगा मौसम?
30 जनवरी तक उत्तराखंड में गरज-चमक और बिजली के साथ कहीं-कहीं बारिश या बर्फबारी की संभावना है. वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके अलावा, बिहार और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। साथ ही छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ओलावृष्टि की भी आशंका है.
इस मौसमी बदलाव की असली वजह क्या है?
IMD के मुताबिक, जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में निचले और मध्य वायुमंडलीय स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से उत्तर आंतरिक कर्नाटक तक ट्रफ लाइन बनी हुई है. इसके अलावा, पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के इलाकों में भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है. उत्तर भारत के ऊपर सब-ट्रॉपिकल वेस्टर्ली जेट स्ट्रीम एक्टिव है, जिसमें 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर हवा की रफ्तार लगभग 130 नॉट्स दर्ज की गई है.
31 जनवरी से 01 फरवरी तक का पूर्वानुमान
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में व्यापक बारिश और बर्फबारी के साथ गरज-चमक तथा 30–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. राजस्थान में 31 जनवरी और 01 फरवरी को हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है.
तापमान में क्या होगा बदलाव?
अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, इसके बाद इसमें 2–4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी. गुजरात में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की संभावना है, जबकि इसके बाद अगले चार दिनों में इसमें 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है. देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा.
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