भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से रुपये को मिली ताकत, 2023 के बाद आई सबसे दमदार साप्ताहिक तेजी
भारत और अमेरिका के बीच महीनों चली बातचीत के बाद व्यापार समझौते की घोषणा के बाद भारतीय रुपये में मजबूत तेजी देखने को मिली है. शुक्रवार को हल्की कमजोरी के बावजूद रुपया पूरे सप्ताह में पिछले तीन साल का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहा. डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.
Indian Rupee: अमेरिका के साथ लंबे समय बाद व्यापार समझौते की घोषणा ने भारतीय रुपये को नई मजबूती दी है. भले ही शुक्रवार के कारोबार में रुपये में हल्की कमजोरी दर्ज की गई हो, लेकिन पूरे सप्ताह के लिहाज से यह प्रदर्शन पिछले तीन साल से अधिक की अवधि में सबसे बेहतर रहा. डॉलर के मुकाबले रुपये की इस मजबूती ने यह संकेत दिया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. बाजार विशेषज्ञ इसे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में आए सकारात्मक मोड़ और विदेशी निवेश धारणा में सुधार से जोड़कर देख रहे हैं.
सप्ताह में मजबूत, दिन में हल्की फिसलन
शुक्रवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 90.70 के स्तर पर बंद हुआ. दिन के आधार पर इसमें करीब 36 पैसे की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन पूरे सप्ताह में रुपया करीब 1.4 फीसद मजबूत रहा. यह जनवरी 2023 के बाद रुपये की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त मानी जा रही है. कारोबारियों के अनुसार, शुक्रवार को संभावित डॉलर आउटफ्लो और निवेशकों द्वारा रुपये पर लगाए गए लंबे दांव कम किए जाने से दबाव देखने को मिला.
डॉलर मांग और स्टॉप-लॉस का असर
बाजार की शुरुआत में ही दैनिक रेफरेंस रेट के आसपास डॉलर खरीदने की तेज मांग देखने को मिली, जिससे रुपये पर दबाव बना. इसके बाद जैसे ही बाजार में टेक्निकल स्तर टूटे, रुपये की मजबूती पर लगाए गए स्टॉप-लॉस ट्रिगर हो गए और गिरावट और गहरी हो गई.
आरबीआई का फैसला
इसी दौरान भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख रेपो रेट को बिना बदलाव के रखने का फैसला किया. केंद्रीय बैंक ने अपना रुख “न्यूट्रल” बनाए रखा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में बड़े बदलाव की संभावना कम है. सकारात्मक आर्थिक नजरिए और अमेरिका व यूरोप के साथ व्यापार समझौतों के बाद बाहरी दबाव कम होने से रिजर्व बैंक को यह रुख बनाए रखने में सहूलियत मिली.
व्यापार समझौते से बदला माहौल
रुपये की साप्ताहिक मजबूती के पीछे सबसे अहम भूमिका मंगलवार को देखने को मिली जबरदस्त तेजी की रही, जब भारत और अमेरिका ने महीनों चली बातचीत के बाद व्यापार समझौते पर सहमति की घोषणा की. इस खबर ने रुपये को लेकर लंबे समय से बने नकारात्मक माहौल को काफी हद तक खत्म किया.
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