PFC ने REC में खरीदी सरकार की 52.63% हिस्सेदारी, बोर्ड ने दी मर्जर की मंजूरी; जानें- क्या है बड़ा प्लान

बजट 2026 में विकसित भारत के लिए NBFCs का विजन क्रेडिट वितरण और टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए साफ लक्ष्यों के साथ बताया गया है. पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड बिजली मंत्रालय के तहत एक पब्लिक कंपनी है और देश की एक प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन है.

पीएफसी और आरईसी का मर्जर. Image Credit: Money9live

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) के बोर्ड ने रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (REC) के साथ मर्जर को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है. शुक्रवार 6 फरवरी को PFC ने कहा कि उसने REC में सरकार की 52.63 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली है. PFC ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, ‘आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) की ‘सैद्धांतिक’ मंजूरी के बाद, PFC ने REC लिमिटेड (REC) में सरकार की 52.63 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली है. इसके अनुसार, PFC और REC होल्डिंग और सब्सिडियरी कंपनियों के तौर पर काम कर रही हैं.’

वित्त मंत्री ने की थी घोषणा

बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की. विकसित भारत के लिए NBFCs का विजन क्रेडिट वितरण और टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए साफ लक्ष्यों के साथ बताया गया है. पब्लिक सेक्टर NBFCs में स्केल हासिल करने और एफिशिएंसी में सुधार करने के लिए, पहले कदम के तौर पर, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन के पुनर्गठन का प्रस्ताव है.’

रिस्ट्रक्चरिंग के लिए सैद्धांतिक मंजूरी

PFC ने 6 फरवरी को कहा, ‘PFC के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने बजट घोषणा पर ध्यान दिया और PFC और REC के मर्जर के रूप में रिस्ट्रक्चरिंग के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी, यह सुनिश्चित करते हुए कि मर्जर के बाद, PFC कंपनी अधिनियम, 2013 और अन्य लागू कानूनों के तहत एक ‘सरकारी कंपनी’ बनी रहे. विस्तृत मर्जर योजना को अंतिम रूप दिए जाने के बाद जरूरी मंजूरी मिलने के बाद साझा किया जाएगा.’

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड बिजली मंत्रालय के तहत एक पब्लिक कंपनी है और देश की एक प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन है.

कंपनी ने बढ़ाया है दायरा

REC ने अपने फाइनेंसिंग के दायरे को बढ़ाया है और अब यह पूरे पावर-इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को कवर करती है, जिसमें जेनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन जैसी नई टेक्नोलॉजी शामिल हैं. हाल ही में REC ने नॉन-पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी कदम रखा है, जिसमें सड़कें और हाईवे, मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, पोर्ट, IT कम्युनिकेशन वगैरह शामिल हैं.

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में सुधार

इंडस्ट्री के लोगों ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में लगातार सुधार की गति बनाए रखना जेनरेशन, ट्रांसमिशन और क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश आकर्षित करने के लिए जरूरी है. बजट में REC और PFC के रीस्ट्रक्चरिंग पर फोकस दिखाता है कि केंद्र सरकार का पावर सेक्टर के लिए सुधारों से जुड़ा नजरिया लगातार बना हुआ है.

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