छोटे कारोबारियों को RBI का तोहफा, बिना गारंटी अब 20 लाख तक मिलेगा लोन; बिजनेस करना होगा आसान
RBI ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को बड़ी राहत दी है. अब छोटे कारोबारी बिना किसी गारंटी के पहले से दोगुनी रकम तक लोन ले सकेंगे. आरबीआई ने अपने मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को मिलने वाले कोलेटरल फ्री लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी.
छोटे कारोबार करने वालों के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ऐसी घोषणा की है, जो सीधे उनकी बिजनेस की रफ्तार से जुड़ी है. जहां छोटे उद्यमियों को बैंक से कर्ज लेना मुश्किल होता जा रहा, वहीं RBI ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को बड़ी राहत दी है. अब छोटे कारोबारी पहले से दोगुनी रकम तक लोन ले सकेंगे. आरबीआई ने अपने मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को मिलने वाले कोलेटरल फ्री लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है.
यानी अब कारोबार बढ़ाने के लिए जमीन, मकान या किसी और संपत्ति को गिरवी रखने की मजबूरी नहीं रहेगी. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि यह बदलाव जरूरी है, क्योंकि 10 लाख रुपये की सीमा साल 2010 से चली आ रही थी और इतने सालों में महंगाई काफी बढ़ चुकी है. उनके मुताबिक, यह फैसला महंगाई के हिसाब से नियम को अपडेट करने जैसा है.
कब से होगा लागू ?
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह भी साफ किया कि यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. उस तारीख के बाद जो भी माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज लोन मंजूर होंगे या रिन्यू किए जाएंगे, उन सभी पर 20 लाख रुपये तक की बिना गारंटी लोन सुविधा लागू होगी. इसका फायदा उन छोटे कारोबारियों को मिलेगा, जिनके पास बैंक को देने के लिए पर्याप्त संपत्ति नहीं होती, लेकिन उनका बिजनेस चल रहा होता है. पोस्ट-पॉलिसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय मल्होत्रा ने कहा कि MSME सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. उन्होंने बताया कि छोटे उद्योग न सिर्फ ग्रोथ को आगे बढ़ाते हैं, बल्कि सबसे ज्यादा रोजगार भी यहीं से पैदा होता है.
रेपो रेट में भी नहीं किया कोई बदलाव
इस फैसले के साथ-साथ RBI ने आम लोगों को एक और राहत दी है. मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया और इसे 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि होम लोन, कार लोन या बिजनेस लोन लेने वालों की EMI फिलहाल नहीं बढ़ेगी. गौर करने वाली बात यह है कि दिसंबर में RBI ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती की थी, जिसके बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी पर आ गया था.
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