क्या है शिकागो कन्वेंशन जिसमें फंसेगा पाकिस्तान, 227 भारतीयों की जान से किया था खिलवाड़

India Pakistan: भारत और पाकिस्तान के बीच एक नया तनाव बढ़ता दिख रहा है, क्योंकि पाकिस्तान ने इंडिगो के एक प्लेन को आपात स्थिति में अपने एयरस्पेस में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी. इस विमान में 227 यात्री सवार थे जिनकी जान खतरे में पड़ गई थी. अब भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिकागो कन्वेंशन के तहत उठाने की तैयारी कर रहा है.

इंडिगो प्लेन Image Credit: PTI

Pakistan Chicagi Convention: भारत पाकिस्तान को फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौती देने जा रहा है. इस बार पाकिस्तान को शिकागो कन्वेंशन के तहत कटघरे में खड़ा किया जा सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान ने भारत के एक प्लेन को आपात स्थिति में उसके एयरस्पेस में घुसने की इजाजत नहीं दी थी. हाल ही में एक इंडिगो फ्लाइट उत्तरी भारत के ऊपर गंभीर तूफान में फंस गया था. इस दौरान पायलट ने पाकिस्तान के एयरस्पेस में एंट्री करने की अनुमति मांगी ताकि सुरक्षित रास्ता अपनाया जा सके लेकिन पाकिस्तान ने यह अनुमति देने से इनकार कर दिया. इस फ्लाइट में 227 यात्री सवार थे जिनकी जिंदगी पाकिस्तान की वजह से रिस्क पर आ गई थी.

फ्लाइट को हुआ भारी नुकसान

हाल ही में आपने एक इंडिगो प्लेन की तस्वीर देखी होगी जिसकी नाक टुटी फुटी नजर आ रही है. यहां उसी प्लेन की बात हो रही है. दरअसल तूफान की वजह से ओले भी गिर रहे थे जिससे ये प्लेन बुरी तरह प्रभावित हो गया था और फिर इसकी नाक को भी नुकसान हुआ. ऑटोपायलट सिस्टम ने भी काम करना बंद कर दिया था.

लेकिन पायलट और प्लेन के क्रू और भारतीय वायुसेना की मदद से प्लेन को सुरक्षित रूप से श्रीनगर में उतार लिया गया.

पाकिस्तान पर उठेंगे सवाल

23 मई को नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जा रही है और उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिकागो कन्वेंशन के तहत उठा सकता है.

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान ने उस समय एयरस्पेस में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जब मौसम बहुत खराब था. यह निर्णय विमान और उसमें सवार सभी 227 लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकता था.

नायडू ने कहा, “हम इस मामले की गहराई से जांच करेंगे. हम DGCA की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं… अगर हमें कोई गलती या लापरवाही दिखती है, तो हम जरूर कार्रवाई करेंगे.”

क्या है शिकागो कन्वेंशन?

शिकागो कन्वेंशन 1944 में साइन किया गया था और इसके तहत कई नियम कायदे तय किए गए थे जिसमें प्लेन की सुरक्षा से लेकर रजिस्ट्रेशन और बाकी सिक्योरिटी से जुड़े नियम है. इसी समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (ICAO) की स्थापना भी की गई थी ताकि सभी देश नियमों का पालन सुनिश्चित करें.

इस कन्वेंशन में ये नियम भी है कि एयरस्पेस में किसे एंट्री देनी है और किसे नहीं ये उस देश का हक है लेकिन ये तभी हो सकता है जब उस देश को किसी एयरक्राफ्ट से खतरा हो. हालांकि नियम ये भी है कि अगर कोई प्लेन समस्या में है तो उसकी मदद के लिए एयरस्पेस में एंट्री दी जानी चाहिए.

लेकिन पाकिस्तान ने ऐसा नहीं किया और इसलिए भारत उसके खिलाफ आवाज उठा सकता है. हालांकि इसमें नियमों के उल्लंघन पर कोई कार्यवाही होगी, ऐसे प्रावधान नजर नहीं आते.

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