IndusInd Bank Q4 Results: घाटे से मुनाफे में दमदार वापसी, ₹533 करोड़ का प्रॉफिट; ₹1.5 के डिविडेंड का ऐलान
IndusInd बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों के साथ 1.5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है. बैंक ने Q4 में 533 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 2,236 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. IndusInd Bank का शेयर 24 अप्रैल 2026 को 1.44 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ.
विवादों से घिरा रहा IndusInd Bank अब निवेशकों को राहत देने के मूड में नजर आ रहा है. बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों के साथ 1.5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है. डिविडेंड का फैसला बैंक के बेहतर नतीजों के बाद आया है. बैंक ने Q4 में 533 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 2,236 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.
IndusInd Bank का शेयर 24 अप्रैल 2026 को 1.44 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ. कंपनी का शेयर 847.95 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है. हालांकि 27 अप्रैल को इसके शेयरों में हरकत देखने को मिल सकता है. पिछले एक साल में इस बैंक के शेयर ने 6.92 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, इसका मार्केट कैप 67,038 करोड़ रुपये है.
कब मिलेगा ये डिविडेंड ?
IndusInd Bank ने वित्त वर्ष 31 मार्च 2026 को खत्म हुए साल के लिए अपने शेयरधारकों को ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹1.50 (यानी 15 फीसदी) का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है. हालांकि, यह डिविडेंड तभी मिलेगा जब इसे बैंक की आने वाली AGM (Annual General Meeting) में शेयरधारकों की मंजूरी मिल जाएगी.
कब है रिकॉर्ड डेट?
डिविडेंड पाने के लिए रिकॉर्ड डेट 26 जून 2026 तय की गई है. यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वही इस डिविडेंड के हकदार होंगे.
क्यों खास है यह डिविडेंड?
यह डिविडेंड इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले साल बैंक को बड़ा झटका लगा था. इंटरनल डेरिवेटिव ट्रेड्स की गलत अकाउंटिंग के कारण करीब 2,000 करोड़ रुपये का असर पड़ा था. इस विवाद के बाद तत्कालीन CEO Sumant Kathpalia और डिप्टी CEO Arun Khurana को इस्तीफा देना पड़ा था. ऐसे में अब डिविडेंड का ऐलान यह दिखाता है कि बैंक उस संकट से उबरने की दिशा में आगे बढ़ चुका है.
बैंक ने किया उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन
IndusInd Bank, जो मार्केट कैपटलाइजेशन के हिसाब से देश का पांचवां सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है, उसने इस बार उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है. विश्लेषकों को जहां करीब 389 करोड़ रुपये के मुनाफे की उम्मीद थी, वहीं बैंक ने इससे ज्यादा कमाई करके सबको चौंका दिया. पिछले साल की इसी तिमाही की बात करें तो हालात बिल्कुल अलग थे. उस समय बैंक को भारी नुकसान हुआ था, क्योंकि कई सालों तक आंतरिक डेरिवेटिव ट्रेड्स की गलत अकाउंटिंग की गई थी. अब स्थिति में सुधार दिख रहा है. बैंक ने खराब कर्ज के लिए जो पैसा अलग रखा था, वह काफी कम हो गया है. यह रकम सालाना आधार पर 38.6 फीसदी और पिछली तिमाही के मुकाबले 29 फीसदी घटकर 1,484 रुपये करोड़ रह गई है.
साथ ही बैंक की लोन क्वालिटी भी बेहतर हुई है. खराब कर्ज (NPA) का स्तर घटकर 3.43 फीसदी पर आ गया है, जो तीन महीने पहले 3.56 फीसदी था.
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