इंफोसिस में कितनी घटी-बढ़ी कर्मचारियों की संख्या? जानें- अब कितने लाख हैं टोटल एंप्लॉई
पारेख ने कहा कि कंपनी की सैलरी बढ़ोतरी के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. हालिया सैलरी साइकिल, जो जनवरी में खत्म हुई, उसमें दो सेगमेंट थे. Q3FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर (YoY) 2.2% गिरकर 6,654 करोड़ रुपये हो गया.
आईटी दिग्गज इंफोसिस ने बुधवार 14 जनवरी को 2026 फाइनेंशियल ईयर की अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए. कमाई के साथ-साथ कंपनी ने एट्रीशन, कुल कर्मचारियों की संख्या और संभावित वेतन बढ़ोतरी के बारे में भी अपडेट शेयर किए.
एट्रीशन रेट
आईटी दिग्गज कंपनी का वॉलंटरी एट्रीशन रेट 2025-26 की तीसरी तिमाही में घटकर 12.3 फीसदी हो गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में यह 13.7 फीसदी था. तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर, इंफोसिस का एट्रीशन रेट मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में Q2 की तुलना में Q3 में 2 फीसदी कम हो गया.
कर्मचारियों की संख्या
31 दिसंबर 2025 तक इंफोसिस में कुल 3,37,034 कर्मचारी थे, जबकि सितंबर 2025 के आखिर में 3,31,991 कर्मचारी थे, जिससे पता चलता है कि समीक्षाधीन तिमाही में 5,043 कर्मचारियों की नेट बढ़ोतरी हुई. कंपनी ने समीक्षाधीन तिमाही के दौरान 13,655 कर्मचारियों को जोड़ा, जो दिसंबर 2024 में 3,23,379 से ज्यादा है.
क्या इंफोसिस अगले साल भी हायरिंग जारी रखेगी?
नंबर्स पर बात करते हुए इंफोसिस के CEO सलिल पारेख ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह दिखाता है कि हमें इस बात पर भरोसा है कि मार्केट कहां है और हम डिमांड के मामले में क्या देख रहे हैं.’ हायरिंग पर पारेख ने कहा, ‘हम कैंपस से हायरिंग करने जा रहे हैं और इस साल हमने 18,000-20,000 लोगों को हायर किया है. हम अगले साल भी इसी रेंज में हायरिंग जारी रखेंगे, क्योंकि नए एरिया में डिमांड है.’
सैलरी बढ़ोतरी पर अपडेट
पारेख ने कहा कि कंपनी की सैलरी बढ़ोतरी के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. हालिया सैलरी साइकिल, जो जनवरी में खत्म हुई, उसमें दो सेगमेंट थे. अगले पांच साल के बारे में फैसले समय के साथ लिए जाएंगे. CFO जयेश संघराजका ने कहा, ‘ हमने अभी अपनी सैलरी का एक साइकिल पूरा किया है, जो जनवरी में दो हिस्सों में था. हमने अभी तक अगले पांच सालों के बारे में फैसला नहीं किया है, हम जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, फैसला करेंगे.’
इंफोसिस Q3 नतीजे
Q3FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर (YoY) 2.2% गिरकर 6,654 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी तिमाही में IT दिग्गज का नेट प्रॉफिट 6,806 करोड़ रुपये था. 31 दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में इंफोसिस का रेवेन्यू पिछले साल इसी तिमाही के 41,764 करोड़ रुपये से 8.9 फीसदी बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी ने नए लेबर कोड्स के कारण अपनी कमाई पर 1,289 करोड़ रुपये के असर पर जोर दिया.
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