IPL से पहले बेटिंग प्लेटफार्म पर सरकार की सख्ती, 300 अवैध वेबसाइट-ऐप ब्लॉक; अब तक 8400 पर एक्शन

IPL 2026 से पहले सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए करीब 300 अवैध वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक किया है. अब तक 8,400 से ज्यादा प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई हो चुकी है. जानें क्या है सरकार की मंशा.

IPL से पहले सट्टेबाजी पर सरकार सख्त Image Credit: @AI

IPL and Govt Block Betting Apps-Websites: IPL 2026 से पहले ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. बढ़ते डिजिटल बेटिंग नेटवर्क और उससे जुड़े जोखिमों को देखते हुए केंद्र सरकार ने देशभर में करीब 300 अवैध वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है. यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट्स के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी में तेजी आने की आशंका रहती है.

किस तरह के प्लेटफार्म निशाने पर?

ANI ने अपनी एक रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस अभियान के तहत उन प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया गया है जो ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग, डिजिटल कसीनो और रियल मनी गेमिंग जैसी सेवाएं दे रहे थे. इनमें स्लॉट्स, रूलेट, लाइव डीलर गेम्स जैसे कैसीनो ऑप्शन के साथ-साथ पीयर-टू-पीयर मॉडल पर चलने वाले बेटिंग एक्सचेंज भी शामिल हैं. इसके अलावा पारंपरिक सट्टेबाजी नेटवर्क जैसे सट्टा और मटका से जुड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी सख्त कार्रवाई की गई है.

8400 से ज्यादा वेबसाइट्स ब्लॉक

रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि सरकार पिछले कुछ समय से इस दिशा में लगातार कदम उठा रही है. अब तक कुल मिलाकर करीब 8,400 से ज्यादा अवैध वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक किया जा चुका है. इनमें से लगभग 4,900 प्लेटफॉर्म्स को ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद बंद किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि सरकार इस सेक्टर में नियमों को लेकर गंभीर है.

सरकार ने क्यों उठाया कदम?

सरकार का मानना है कि इस तरह के अवैध प्लेटफॉर्म न सिर्फ लोगों को वित्तीय नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा पैदा करते हैं. कई मामलों में धोखाधड़ी, डेटा लीक और अनियंत्रित लेन-देन जैसी शिकायतें सामने आई हैं, जिससे आम यूजर्स जोखिम में पड़ जाते हैं.

IPL से पहले उठा कदम!

आईपीएल जैसे बड़े आयोजनों के दौरान ऑनलाइन बेटिंग का ग्राफ तेजी से बढ़ता है, ऐसे में यह कार्रवाई एक प्रिवेंटिव स्टेप के तौर पर देखी जा रही है. सरकार का फोकस साफ है, डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाना और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना. यह कदम ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग इंडस्ट्री में ट्रांसपैरेंसी लाने और यूजर्स को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. आने वाले समय में इस तरह की कार्रवाई और तेज हो सकती है, जिससे अवैध नेटवर्क्स पर पूरी तरह से रोक लगाने की कोशिश की जाएगी.

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