सोना लगातार तीसरे दिन सस्ता, चांदी में आई ₹1800 की तेजी; जानें अब कहां पहुंचा गोल्ड-सिल्वर का भाव
दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 1,800 रुपये उछलकर 2.40 लाख रुपये/किलो पहुंची, जबकि सोना 650 रुपये टूटकर 1.52 लाख रुपये/10 ग्राम पर आ गया. ग्लोबल संकेतों और डॉलर की मजबूती से सोने पर दबाव बना हुआ है. जानें क्या है एक्सपर्ट्स की राय.
Gold and Silver Price Today 20-03-2026: ग्लोबल बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच शुक्रवार, 20 मार्च को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला. जहां चांदी ने पिछले दिन की भारी गिरावट के बाद हल्की रिकवरी दर्ज की, वहीं सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा.
चांदी में दिखी तेजी
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी की कीमत में करीब 1,800 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद यह 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. इससे पहले गुरुवार को चांदी 2,38,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी. हालांकि यह उछाल सीमित रहा और बाजार में अभी भी दबाव बना हुआ है.
सोना हुआ सस्ता
वहीं दूसरी ओर, सोना निवेशकों को राहत देने में नाकाम रहा. 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 650 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इससे पहले यह 1,53,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. लगातार तीसरे दिन आई गिरावट यह संकेत देती है कि फिलहाल सोने पर दबाव बरकरार है.
क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों पर वैश्विक आर्थिक हालात और डॉलर की मजबूती का असर साफ दिख रहा है. HDFC सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक दिलीप परमार के अनुसार, अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों का रुख सुरक्षित माने जाने वाले डॉलर और कच्चे तेल की ओर मोड़ दिया है, जिससे सोने की मांग प्रभावित हुई है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल?
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो वहां भी कीमती धातुओं में स्थिरता नहीं है. स्पॉट सिल्वर करीब 1 फीसदी गिरकर 72 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि सोना हल्की बढ़त के साथ 4,663 डॉलर प्रति औंस पर बना रहा. यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर भी निवेशक अभी सतर्क रुख अपना रहे हैं.
क्यों डिमांड में आई कमी?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने भी कमोडिटी बाजार पर दबाव बनाया है. ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और संभावित बढ़ोतरी के संकेतों ने निवेशकों को जोखिम लेने से रोका है. साथ ही, ऊंची ब्याज दरों के चलते बॉन्ड यील्ड आकर्षक हो जाती है, जिससे सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश की मांग घटती है.
अब आगे क्या?
आने वाले समय की बात करें तो जानकारों का मानना है कि सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. महंगाई, ब्याज दरें, कच्चे तेल की कीमतें और जियो-पॉलिटिकल घटनाक्रम- ये सभी फैक्टर मिलकर कीमतों की दिशा तय करेंगे. फिलहाल संकेत यही हैं कि सोने में कमजोरी और चांदी में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
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