देखो वो आ गया! कुछ ही घंटों में मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा ‘शिवालिक टैंकर’, 40000 मीट्रिक टन लदी हुई है LPG
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. LPG टैंकर Shivalik सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और अब गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचने वाला है. इसके साथ ही Nanda Devi नाम का एक और भारतीय जहाज भी गैस लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है. दोनों जहाज करीब 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे हैं.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों को लेकर बनी चिंता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से अहम LPG टैंकर ‘शिवालिक’ ने कुछ दिन पहले ही होर्मुज स्ट्रेट क्रॉस किया. लोगों की उम्मीद भरी नजरें तब से टैंकर का भारत पहुंचने का इंतजार कर रही हैं, और आखिरकार वो घड़ी आ गई. टैंकर कुछ ही घंटों में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचने वाला है. इसके साथ ही एक और भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ भी गैस लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है. इन दोनों जहाजों के सुरक्षित ट्रांजिट को भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है.
होर्मुज पार कर भारत की ओर बढ़े दो जहाज
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने जानकारी दी थी कि भारतीय झंडे वाले दो LPG जहाज- शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस टैंकर में 40,000 मीट्रिक टन से ज्यादा LPG है. इन दोनों जहाजों में कुल मिलाकर करीब 92,700 मीट्रिक टन LPG लदी हुई है. इनमें से शिवालिक 16 मार्च को मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा, जबकि नंदा देवी 17 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है.
फारस की खाड़ी में अब भी मौजूद 22 भारतीय जहाज
सरकारी जानकारी के मुताबिक फिलहाल फारस की खाड़ी में 22 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं. इन जहाजों पर कुल 611 भारतीय नाविक (seafarers) तैनात हैं और सभी सुरक्षित बताए गए हैं. सरकार ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है.
भारत और ईरान के बीच जारी बातचीत
ANI रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत समुद्री यातायात को सामान्य बनाने के लिए ईरान के साथ बातचीत कर रहा है. उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के गुजरने को लेकर सीधी बातचीत सकारात्मक परिणाम दे रही है. जयशंकर के मुताबिक भारत के लिए बेहतर यही है कि संवाद और समन्वय के जरिए समाधान निकाला जाए, ताकि ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो.
ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत स्थित प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भी कहा है कि भारतीय जहाजों को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी.
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वैश्विक तेल व्यापार के लिए अहम रास्ता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है. हालांकि अभी सभी जहाजों के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं बनी है और फिलहाल जहाजों को केस-बाय-केस आधार पर गुजरने की अनुमति दी जा रही है.
