
छोटी कारों पर बढ़ा विवाद, पेंशन स्कीम में बदलाव की उठी मांग
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने सरकार से आग्रह किया है कि छोटी कारों के लिए फ्यूल एफिशिएंसी के नियमों में ढील दी जाए. यह मांग आगामी कैफे 3 मानकों को लेकर की गई है. हालांकि टाटा मोटर्स, महिंद्रा, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर और टोयोटा जैसे प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है. उनका मानना है कि नियमों में बदलाव से इंडस्ट्री में तय मानकों का संतुलन बिगड़ेगा और बड़ी कारों की बढ़ती मांग की उपेक्षा होगी.
उधर, पेंशन से जुड़े मसले पर भी केंद्र सरकार के कर्मचारी बदलाव की मांग कर रहे हैं. यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में अर्द्धसैनिक बलों के लिए जल्दी पेंशन, समय से पहले सेवा छोड़ने पर निवेश वापसी और एकल अभिभावक के बच्चों के लिए लाभ जैसी मांगे प्रमुख हैं. फिलहाल NPS से UPS में बदलाव करने वालों की संख्या बेहद कम है. कर्मचारियों का कहना है कि नई स्कीम को ज्यादा लचीला, समावेशी और रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित बनाया जाए. अब देखना होगा कि सरकार छोटी कारों और पेंशन सिस्टम पर क्या निर्णय लेती है.
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