RBI करता है नोटों की डिजाइनिंग, फिर कौन करता है छपाई
रिजर्व बैंक किसी भी नोट को डिजाइन करने से लेकर उसे नष्ट करने के लिए जिम्मेदार होता है. लेकिन नोटों की छपाई कौन सी कंपनी करती है, कहां होती है छपाई, सिक्के कौन बनाता है? यहां मिलेगा हर सवाल का जवाब...
अगर आपसे पूछा जाए कि अपनी करेंसी यानी नोट और सिक्के कौन बनाता है या कौन छापता है, तो अधिकतर का जवाब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI होगा. हां, ये सही कि इसकी जिम्मेदारी रिजर्व बैंक की ही है. लेकिन वास्तव में छपाई का काम RBI नहीं कोई और करता है. इसकी छपाई की जिम्मेदारी एक कंपनी के पास है. ये प्राइवेट नहीं सरकार की ही कंपनी है. चलिए आपको बताते हैं.
नोटों की छपाई करने वाली कंपनी का नाम सिक्यॉरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SPMCI – Security Printing and Minting Corporation of India Ltd) है. इनकी वेबसाइट के अनुसार, दो प्रिटिंग प्रेस है. एक महाराष्ट्र के नासिक में है और दूसरी, मध्य प्रदेश के देवास में है.
इस कंपनी में भारतीय रिजर्व बैंक की पूरी तरह से हिस्सेदारी है और रिजर्व बैंक में सरकार की हिस्सेदारी है.
ये तो हो गई नोट छापने की बात, सिक्कों को बनाने या मिंट करने का काम भी यही करती है लेकिन अलग जगहों पर जैसे, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और नोएडा में सिक्के बनाने का काम होता है.
क्या है SPMCIL?
नोट छापने वाली SPMCIL एक मिनीरत्न श्रेणी-1 केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है, जो वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अधीन है. यह नोटों और सिक्कों की छपाई और निर्माण के लिए जिम्मेदार है. सिक्योरिटी और क्वालिटी को ध्यान में रखते हुए नकली करेंसी को रोकने के लिए हाई स्टैंडर्ड का पालन करती है. दृष्टिहीनों के लिए विशेष सिक्के और e-पासपोर्ट भी SPMCIL ने ही बनाए हैं.
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नोट का सफर: कहां से शुरू और कहां खत्म?
- किसी भी नोट की लाइफ साइकिल उसके डिजाइन से शुरू होती है. नोटों का डिजाइन भारतीय रिजर्व बैंक तैयार करता है. डिजाइन को केंद्रीय सरकार से स्वीकृति मिलती है.
- डिजाइन स्वीकृत होने के बाद SPMCIL के प्रेस में नोट छापे जाते हैं.
- छपाई के बाद नए नोट RBI के इश्यू ऑफिस में भेजे जाते हैं.
- यहां से, ये नोट करेंसी चेस्ट में पहुंचाए जाते हैं. करेंसी चेस्ट वे गोदाम हैं जहां बैंक शाखाओं के लिए नोट और सिक्के स्टॉक किए जाते हैं.
- बैंक शाखाएं इन्हें चेस्ट से प्राप्त कर जनता में जारी करती है.
- जब कोई नोट पुराना, गंदा या खराब हो जाता है, तो जनता उसे बैंक में जमा कर देती है.
- बैंक इन नोटों को वापस RBI के पास भेज देते हैं, जहां उन्हें नष्ट कर दिया जाता है.
बता दें कि करेंसी को स्टोर करने के लिए फिलहाल कुल 2,794 करेंसी चेस्ट हैं.
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