क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ पर भारत–ब्राजील की बड़ी डील, PM मोदी बोले – मजबूत सप्लाई चेन की दिशा में अहम कदम
भारत और ब्राजील ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर अहम समझौता किया. नई दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की वार्ता के बाद MoU साइन हुआ. पीएम मोदी ने इसे मजबूत सप्लाई चेन की दिशा में बड़ा कदम बताया है.
भारत और ब्राजील के बीच क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स को लेकर अहम समझौता हुआ है. नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के बीच हुई बातचीत के बाद यह MoU साइन किया गया. इस समझौते को दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
क्या कहा पीएम मोदी ने ?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर हुआ समझौता एक मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने की दिशा में अहम कदम है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत और ब्राजील के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और रणनीतिक तालमेल को दिखाता है.
इसके अलावा पीएम मोदी ने स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टर का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं और भारत ब्राजील को सस्ती व हाई क्वालिटी वाली दवाओं की सप्लाई बढ़ाने पर काम करेगा.
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने क्या बोला ?
ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा कि पिछली मुलाकात में दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग को पांच अहम क्षेत्रों में दोबारा व्यवस्थित किया था. इनमें रक्षा और सुरक्षा, खाद्य व पोषण सुरक्षा, ऊर्जा परिवर्तन और जलवायु परिवर्तन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन व उभरती तकनीकें, और रणनीतिक औद्योगिक साझेदारी शामिल हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश अब इन क्षेत्रों में सहयोग को जमीन पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और हालिया समझौते इसी दिशा का हिस्सा हैं.
भारत की तकनीकी प्रगति की सराहना
राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने भारत की प्रगति की तारीफ करते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियां प्रभावशाली हैं. उनके मुताबिक, ये क्षेत्र भारत–ब्राजील सहयोग के लिए नए अवसर खोल सकते हैं.
भारत के लिए समझौता क्यों है अहम?
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब भारत क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स के मामले में चीन पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है. चीन इस क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में से एक है और रेयर अर्थ्स उत्पादन में लगभग एकाधिकार रखता है. भारत घरेलू उत्पादन, रीसाइक्लिंग और नए वैश्विक सप्लायर्स की तलाश पर लगातार ध्यान दे रहा है. ऐसे में ब्राज़ील के साथ साझेदारी को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ब्राजील की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण ?
ब्राजील के पास क्रिटिकल मिनरल्स के बड़े भंडार मौजूद हैं. ये मिनरल्स इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर पैनल्स, स्मार्टफोन, जेट इंजन और गाइडेड मिसाइल जैसी आधुनिक तकनीकों में इस्तेमाल होते हैं. यही वजह है कि यह समझौता केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि तकनीकी और रणनीतिक नजर से भी अहम माना जा रहा है.
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