जॉब मार्केट में आया बड़ा बदलाव, नौकरी बदलने पर 30 फीसद तक बढ़ सकती है सैलरी; रिपोर्ट

जॉब मार्केट में 2026 को लेकर सैलरी ट्रेंड्स पर अहम संकेत सामने आए हैं. Michael Page India की Salary Guide 2026 के मुताबिक, ज्यादातर सेक्टर्स में सालाना सैलरी इंक्रीमेंट 8 से 12 फीसद के बीच रहने की संभावना है. हालांकि, मजबूत लीडरशिप क्षमता रखने वाले प्रोफेशनल्स को नौकरी बदलने पर 30 फीसद तक ज्यादा सैलरी मिल सकती है.

जॉब मार्केट Image Credit: AI/canva

Salary Guide 2026: देश में अलग–अलग सेक्टर्स में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए सालाना वेतन बढ़ोतरी को लेकर एक अहम संकेत सामने आया है. रिक्रूटमेंट कंसल्टेंसी Michael Page India के मुताबिक, 2026 में ज्यादातर इंडस्ट्रीज में जनरल एनुअल इंक्रीमेंट 8 से 12 फीसद के दायरे में स्थिर रहने की संभावना है. हालांकि, निच टेक्निकल स्किल्स और मजबूत लीडरशिप क्षमता रखने वाले प्रोफेशनल्स के लिए बाजार में मांग अब भी बनी हुई है और नौकरी बदलने पर उन्हें 30 फीसद तक ज्यादा वेतन बढ़ोतरी मिल सकती है.

गुरुवार को जारी Salary Guide 2026 में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में तेज वेतन बढ़ोतरी के बाद अब बाजार एक ज्यादा संतुलित और टिकाऊ गति की ओर बढ़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां अब केवल हायरिंग की संख्या बढ़ाने पर ध्यान नहीं दे रही हैं, बल्कि सही स्किल्स और लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन पर ज्यादा फोकस कर रही हैं.

लीडरशिप रोल्स अब भी सबसे ज्यादा पेमेंट वाले

Salary Guide 2026 के मुताबिक, अलग–अलग सेक्टर्स में लीडरशिप से जुड़े पद अब भी सबसे ज्यादा वेतन देने वाले बने हुए हैं. चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर्स, चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर्स, हेड्स ऑफ इंजीनियरिंग और सीनियर ट्रांसफॉर्मेशन लीडर्स जैसे रोल्स टॉप-पेइंग पोजिशंस में शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, टेक्नोलॉजी और फाइनेंस से जुड़े सीनियर प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बनी हुई है.

कंपनियों की हायरिंग रणनीति में बदलाव

Michael Page India की रिपोर्ट बताती है कि 2026 में भारतीय जॉब मार्केट ‘इंटेंट और कैपेबिलिटी-लेड ग्रोथ’ की दिशा में बढ़ रहा है. निलय खंडेलवाल, सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर, Michael Page India और सिंगापुर ने कहा कि कंपनियां अब ज्यादा सोच-समझकर हायरिंग कर रही हैं. उनका फोकस स्पेशलाइज्ड स्किल्स, लीडरशिप डेप्थ और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर है, न कि केवल शॉर्ट-टर्म विस्तार पर.

उन्होंने यह भी कहा कि भले ही कुछ सेक्टर्स ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते सतर्क रुख अपना रहे हों, लेकिन भारत की मजबूत घरेलू खपत और तेजी से बढ़ते घरेलू एंटरप्राइजेज हायरिंग गतिविधियों को सहारा दे रहे हैं.

टेक्नोलॉजी में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स का बढ़ता चलन

Salary Guide 2026 में यह भी सामने आया है कि कई कंपनियां टेक्नोलॉजी सेक्टर में प्रोजेक्ट आधारित जरूरतों को पूरा करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की ओर रुख कर रही हैं. खासतौर पर सॉफ्टवेयर, डेटा और डिजिटल डिजाइन जैसे क्षेत्रों में कॉन्ट्रैक्ट हायरिंग तेजी से बढ़ रही है. इससे कंपनियों को फ्लेक्सिबिलिटी मिल रही है और लागत पर भी बेहतर नियंत्रण संभव हो पा रहा है.

GCC बने 2026 का बड़ा फोकस एरिया

रिपोर्ट में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी जीसीसी को 2026 का एक अहम फोकस एरिया बताया गया है. जीसीसी के विस्तार से भारत की पहचान अब केवल एक कम लागत वाले टैलेंट डेस्टिनेशन के रूप में नहीं, बल्कि इनोवेशन, एनालिटिक्स और जटिल ग्लोबल रोल्स के लिए एक रणनीतिक हब के तौर पर मजबूत हो रही है. निलय खंडेलवाल के मुताबिक, जीसीसी का बढ़ता रोल भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलती भूमिका को दिखा रहा है.

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