साइकिल के पुर्जे से Airtel तक, टेलीकॉम टाइकून सुनील मित्तल अगले 10 साल में नई पीढ़ी को सौंप देंगे कमान
मित्तल ने कंपनी की कॉन-कॉल में कहा कि मैं अगले 10 साल में अगली पीढ़ी को कमान सौंपना चाहता हूं. लुधियाना में साइकिल के पुर्जों के कारोबार से शुरुआत करने वाले मित्तल ने बाद में टेलीकॉम क्षेत्र में कदम रखा, और Airtel का विस्तार पूरे भारत के साथ-साथ अफ्रीका तक किया.
देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी एयरटेल अगले एक दशक में बदलाव के दौर से गुजरेगी. यह बदलाव सिर्फ कंपनी के ऑपरेशन से ही जुड़ा नहीं, बल्कि नेतृत्व में बदलाव से भी जुड़ा होगा. गुरुवार को एयरटेल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील भारती मित्तल ने अपनी उत्तराधिकार योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि वह अगले 10 साल में कंपनी की कमान अगली पीढ़ी को सौंप देंगे. CNBC TV-18 के अनुसार, मित्तल ने कंपनी की कॉन-कॉल में कहा कि मैं अगले 10 साल में अगली पीढ़ी को कमान सौंपना चाहता हूं.
एयरटेल की शुरुआत
भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन 68 वर्षीय सुनील भारती मित्तल ने 1995 में लॉन्च हुए Airtel के साथ भारतीय टेलीकॉम जगत में क्रांति ला दी. लुधियाना में साइकिल के पुर्जों के कारोबार से शुरुआत करने वाले मित्तल ने बाद में टेलीकॉम क्षेत्र में कदम रखा, और Airtel का विस्तार पूरे भारत के साथ-साथ अफ्रीका तक किया. यह विस्तार 2010 में Zain Africa के अधिग्रहण के माध्यम से संभव हुआ. टेलीकॉम के अलावा, भारती के हित बीमा, खुदरा व्यापार और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में भी हैं.
क्यों खुश नहीं थे सुनील मित्तल?
पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर सुनील मित्तल ने कहा कि चल रहे युद्ध का इस बड़ी टेलीकॉम कंपनी के कारोबार पर ‘कई मोर्चों’ पर असर पड़ा है. मित्तल ‘एवरेज रेवेन्यू पर यूजर’ (ARPU) बढ़ाने के सभी उपायों पर जोर देने के लिए पूरी तरह से तैयार थे, क्योंकि वे Q4 के आंकड़ों से खुश नहीं थे.
मित्तल ने भारती एंटरप्राइजेज की स्थापना की और 1995 में दिल्ली में Airtel की सेल्युलर सेवाएं शुरू कीं. अब वे चेयरमैन के तौर पर एग्जीक्यूटिव भूमिका निभा रहे हैं.
Airtel का ARPU परफॉर्मेंस
मित्तल, एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) बढ़ाने के सभी तरीकों पर जोर देने के लिए पक्के इरादे के साथ तैयार थे, क्योंकि वे Q4 के आंकड़ों से खुश नहीं थे. भारत में Airtel के मोबाइल सर्विस सेगमेंट ने Q4 FY2026 में कुल रेवेन्यू में 28,831 करोड़ का योगदान दिया, और इस तिमाही में इसमें लगभग 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. यह बढ़ोतरी कस्टमर बेस में हुई वृद्धि और ARPU में लगभग 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी (245 रुपये से बढ़कर 257 रुपये) के कारण हुई.
कंपनी ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा, ‘भारत में मोबाइल से होने वाली कमाई में साल-दर-साल (YoY) 8.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसकी मुख्य वजह बेहतर कीमतें मिलना और ग्राहकों की संख्या में विस्तार होना है. कंपनी ने ARPU में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हासिल की है.’
कंपनी का नेट प्रॉफिट
भारती एयरटेल ने मार्च 2026 तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 33.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की, जो घटकर 7,325 करोड़ रुपये रह गया. इसकी मुख्य वजह वैधानिक और टैक्स देनदारियों से जुड़े एकमुश्त प्रावधान थे. कंपनी का सालाना रेवेन्यू पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. इसकी वजह ग्राहकों की संख्या में 3.2 फीसदी की बढ़ोतरी (जो बढ़कर 66.5 करोड़ हो गई) और भारत में ARPU (प्रति ग्राहक औसत रेवेन्यू) में हुई वृद्धि थी.
एयरटेल ने मार्च 2025 तिमाही में टैक्स के बाद 12,476 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया था, जिसकी वजह उस अवधि में हुआ एकमुश्त लाभ था.
कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में 15.6 फीसदी बढ़कर 55,383.2 करोड़ रुपये हो गया, जो सालाना आधार पर 47,876.2 करोड़ रुपये था. इस बढ़ोतरी में अफ्रीका के कारोबार में हुई 40 फीसदी की उछाल का अहम योगदान रहा.
Airtel का कस्टमर बेस
मार्च 2026 में, कंपनी ने 65 करोड़ कस्टमर्स का मील का पत्थर पार कर लिया और कस्टमर बेस के मामले में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी के तौर पर अपनी जगह पक्की कर ली. यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली टेलीकॉम कंपनी है. Bharti Airtel के भारत के कारोबार में चौथी तिमाही के दौरान 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो मार्च 2025 की तिमाही के 36,734.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 39,565.6 करोड़ रुपये हो गया.
Airtel ने बताया कि पोस्टपेड सेगमेंट में उसकी बढ़त और मजबूत हुई है, जिसमें 8 लाख नए कस्टमर्स जुड़े हैं, जिससे इस सेगमेंट में उसका कुल कस्टमर बेस बढ़कर 2.9 करोड़ हो गया है. Airtel के भारत नेटवर्क पर स्मार्टफोन डेटा कस्टमर्स की संख्या पिछले एक साल में 2 करोड़ बढ़ गई, जो 7.2 प्रतिशत की सालाना (YoY) बढ़ोतरी को दिखाता है. Airtel के भारत नेटवर्क पर प्रति कस्टमर औसत डेटा इस्तेमाल 5.6 प्रतिशत बढ़कर 25.1 GB से 31.4 GB हो गया.
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