ग्रीन एनर्जी की दौड़ में ‘लाल सोना’ बना कॉपर, 2035 तक दोगुनी हो सकती है डिमांड; इन 3 कंपनियों पर रखें नजर

ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग के बीच कॉपर की वैश्विक डिमांड 2035 तक दोगुनी हो सकती है. Hindustan Copper, Vedanta और Hindalco जैसी भारतीय कंपनियां अपने कॉपर बिजनेस का तेजी से विस्तार कर रही हैं. उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नए प्रोजेक्ट्स और कॉपर सेक्टर में निवेश के कारण इन कंपनियों के शेयर निवेशकों के रडार पर हैं.

कॉपर स्टॉक Image Credit: Canva/ Money9

Copper Stocks: दुनियाभर में इलेक्ट्रिक व्हीकल, ग्रीन एनर्जी और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है. इस बदलाव के केंद्र में कॉपर यानी तांबा सबसे अहम धातुओं में शामिल हो चुका है. इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर विंड टर्बाइन, डेटा सेंटर और पावर ग्रिड तक, हर जगह कॉपर की जरूरत लगातार बढ़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि 2035 तक वैश्विक कॉपर डिमांड लगभग दोगुनी हो सकती है. ऐसे में भारत की कई कंपनियां अपने कॉपर बिजनेस का विस्तार कर रही हैं और निवेशकों की नजर अब इन कंपनियों पर टिक गई है.

Hindustan Copper पर बड़ा दांव

Hindustan Copper Limited देश की इकलौती पूरी तरह इंटीग्रेटेड कॉपर उत्पादक कंपनी मानी जाती है. कंपनी कॉपर माइनिंग से लेकर फाइनल मार्केटेबल प्रोडक्ट तक पूरे वैल्यू चेन में काम करती है. कंपनी के पास देश के लगभग दो-पांचवें कॉपर अयस्क भंडार मौजूद हैं और इसके संसाधन 755 मिलियन टन से अधिक बताए जाते हैं. इक्विटीमास्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 5 वर्षों में कंपनी की बिक्री और शुद्ध मुनाफे में क्रमशः 20 फीसद और 18 फीसद की सीएजीआर ग्रोथ दर्ज की गई है.

बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को मौजूदा 4.3 मिलियन टन से बढ़ाकर 2030-31 तक 12 मिलियन टन करने की योजना पर काम कर रही है. इसके लिए अगले 5 से 6 वर्षों में लगभग 20 अरब रुपये निवेश किए जाएंगे. कंपनी राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ में नए ब्लॉक्स पर भी काम कर रही है. गुरुवार को इंट्राडे में कंपनी का शेयर 2.05 फीसद बढ़कर 607.25 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.

Vedanta का कॉपर विस्तार

Vedanta Limited का बिजनेस कई धातुओं और मिनरल्स में फैला हुआ है, लेकिन कॉपर सेगमेंट में भी कंपनी की मजबूत मौजूदगी है. कंपनी की सिलवासा रिफाइनरी भारत की बड़ी इंटीग्रेटेड कॉपर उत्पादन इकाइयों में शामिल है. कंपनी की पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज जाम्बिया स्थित कॉनकोला कॉपर माइंस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है. अगले 5 वर्षों में वहां कॉपर उत्पादन को 3 लाख टन प्रतिवर्ष तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.

हाल ही में कंपनी ने कई महत्वपूर्ण मिनरल ब्लॉक्स भी हासिल किए हैं, जिनमें कोबाल्ट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स और ग्रेफाइट शामिल हैं. इससे कंपनी को क्लीन एनर्जी सेक्टर में लंबी अवधि का फायदा मिल सकता है. गुरुवार को कंपनी का शेयर इंट्राडे में 4.98 फीसद बढ़कर 339.45 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.

Hindalco भी बढ़ा रही क्षमता

Hindalco Industries Limited देश की बड़ी मेटल कंपनियों में शामिल है. गुजरात के दहेज में कंपनी का कॉपर स्मेल्टर दुनिया के सबसे बड़े सिंगल लोकेशन कस्टम कॉपर स्मेल्टर्स में गिना जाता है. इसकी क्षमता 421 किलो टन प्रति वर्ष है. पिछले 5 वर्षों में कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 34 फीसद की सीएजीआर ग्रोथ दर्ज की गई है. कंपनी अब डाउनस्ट्रीम बिजनेस और रीसाइक्लिंग क्षमता बढ़ाने पर फोकस कर रही है. गुरुवार को कंपनी का शेयर इंट्राडे में 2.83 फीसद बढ़कर 1103.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.

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