पेट्रोल-डीजल की मार से हिलेगा क्विक कॉमर्स! Swiggy और Eternal पर करोड़ों का दबाव
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनियों पर भी दिखाई देने लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन कीमतों में 4 फीसदी बढ़ोतरी से Swiggy और Eternal के EBITDA पर करोड़ों रुपये का दबाव पड़ सकता है. Swiggy की कमाई में 10 से 12 फीसदी तक डाउनग्रेड का जोखिम बताया गया है, जबकि Eternal पर असर अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है.
Eternal-Swiggy Fuel Cost Impact: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर अब केवल आम लोगों के बजट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका दबाव क्विक कॉमर्स और फूड डीलिवरी कंपनियों पर भी दिखाई देने लगा है. Swiggy और Eternal जैसी बड़ी कंपनियों के लिए बढ़ती ईंधन लागत अब मुनाफे पर असर डालने वाली बड़ी चुनौती बनती जा रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन कीमतों में करीब 4 फीसदी की बढ़ोतरी से Swiggy और Eternal के EBITDA पर करोड़ों रुपये का दबाव पड़ सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से Swiggy की कमाई में करीब 10 से 12 फीसदी तक डाउनग्रेड का जोखिम बन सकता है. वहीं, Eternal पर इसका असर अपेक्षाकृत कम यानी 4 से 5 फीसदी रहने का अनुमान है.
कैसे बढ़ता है डिलीवरी कॉस्ट का दबाव
एलारा का अनुमान है कि Eternal की औसत डिलीवरी लागत प्रति ऑर्डर लगभग 44 रुपये है, जबकि Swiggy के लिए यह करीब 55 रुपये तक पहुंचती है. Swiggy की लागत ज्यादा होने की वजह डार्क स्टोर और रेस्टोरेंट नेटवर्क की कम पहुंच मानी जा रही है. अनुमान के मुताबिक, कुल डिलीवरी कॉस्ट में लगभग 20 फीसदी हिस्सा ईंधन खर्च का होता है. ऐसे में ईंधन कीमतों में 4 फीसदी बढ़ोतरी से प्रति ऑर्डर लागत में करीब 0.44 रुपये का अतिरिक्त दबाव बन सकता है.
छोटी बढ़ोतरी से करोड़ों का असर
हालांकि, प्रति ऑर्डर यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन कंपनियों के बड़े ऑर्डर वॉल्यूम के कारण इसका असर काफी बड़ा हो जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, Eternal सालाना करीब 2.7 अरब ऑर्डर संभालती है, जबकि Swiggy का आंकड़ा करीब 1.4 अरब ऑर्डर का है. इसी वजह से FY27 में ईंधन कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी से Eternal के EBITDA पर करीब 66.4 करोड़ रुपये और Swiggy पर लगभग 43.5 करोड़ रुपये का असर पड़ सकता है.
अगर ईंधन कीमतें और बढ़ीं तो क्या होगा
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अगले 3 से 6 महीनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 10 रुपये तक की और बढ़ोतरी होती है, तो कंपनियों पर दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है. ऐसे हालात में प्रति ऑर्डर लागत 1 से 1.2 रुपये तक बढ़ सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति में EBITDA पर 100 से 200 करोड़ रुपये तक का असर देखने को मिल सकता है.
Swiggy पर ज्यादा दबाव क्यों
रिपोर्ट में कहा गया है कि Swiggy फिलहाल क्विक कॉमर्स कारोबार में ब्रेकइवेन तक नहीं पहुंच पाई है. कंपनी का एडजस्टेड EBITDA अभी भी निगेटिव में है, जबकि Eternal का EBITDA पॉजिटिव बना हुआ है. इसी वजह से Swiggy के पास बढ़ती लागत को संभालने की क्षमता अपेक्षाकृत कम मानी जा रही है. दूसरी तरफ, Eternal के पास प्रीमियम कस्टमर बेस, बेहतर एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू और ज्यादा स्केल होने की वजह से लागत बढ़ोतरी का दबाव संभालने की क्षमता अधिक बताई जा रही है.
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