UPI से पेमेंट करने पर चार्ज लगेगा या नहीं? वित्त मंत्री ने कर दिया साफ; जानें- किसे मिलेगी मुफ्त सर्विस
UPI यूजर्स के लिए राहत की खबर है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि UPI ट्रांजैक्शन पर आम उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और MDR (Merchant Discount Rate) का बोझ यूजर्स पर नहीं डाला जाएगा.
Highlights
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि UPI ट्रांजैक्शन आम यूजर्स के लिए पहले की तरह मुफ्त रहेंगे.
- MDR लागू करने पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है.
- वित्त मंत्री ने कहा कि MDR केवल मर्चेंट्स, बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच लागू होगा.
Merchant Discount Rate: देश में करोड़ों लोग रोजमर्रा के भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में हाल के दिनों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि भविष्य में Merchant Discount Rate (MDR) को UPI ट्रांजैक्शन पर लागू किया जा सकता है, जिससे आम उपभोक्ताओं को भी भुगतान करना पड़ सकता है. हालांकि, अब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है. उन्होंने कहा है कि UPI ट्रांजैक्शन यूजर्स के लिए पहले की तरह मुफ्त रहेंगे और MDR का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा.
बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच होगा लागू
वित्त मंत्री ने साफ किया कि यदि भविष्य में MDR लागू होता भी है, तो यह केवल मर्चेंट्स, बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच लागू होगा. आम UPI यूजर्स से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य बैंकों और फिनटेक कंपनियों को डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सिक्योरिटी पर अधिक निवेश करने में सक्षम बनाना है, जिसका फायदा अंततः सभी UPI यूजर्स को मिलेगा.
MDR लागू करने पर अभी अंतिम फैसला नहीं
निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि MDR लागू करने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि इस पर फैसला UPI और NPCI की सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी करेगी. यह प्रक्रिया तभी आगे बढ़ेगी, जब संसद में Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 पारित हो जाएगा. इस विधेयक में Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A में संशोधन का प्रस्ताव है.
इसका मतलब है कि फिलहाल UPI ट्रांजैक्शन पर किसी प्रकार का नया शुल्क लागू नहीं किया गया है और न ही आम यूजर्स के लिए भुगतान व्यवस्था में कोई बदलाव हुआ है.
क्या होता है MDR
Merchant Discount Rate (MDR) वह शुल्क होता है, जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट से बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने के बदले वसूलते हैं. आमतौर पर यह शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि मर्चेंट से लिया जाता है. भारत में UPI को तेजी से बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अब तक अधिकांश UPI ट्रांजैक्शन पर MDR को शून्य रखा है. हालांकि, बैंक और फिनटेक कंपनियां लंबे समय से यह मांग करती रही हैं कि डिजिटल पेमेंट नेटवर्क को बेहतर बनाने और बढ़ती लागत को पूरा करने के लिए किसी न किसी रूप में MDR की व्यवस्था होनी चाहिए.
कांग्रेस ने क्या कहा था
वित्त मंत्री का यह बयान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश की टिप्पणी के बाद आया. जयराम रमेश ने दावा किया था कि Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 के जरिए वह कानूनी सुरक्षा हटाई जा रही है, जिसके कारण अब तक UPI ट्रांजैक्शन शुल्क मुक्त थे. उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी प्रकार के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लगाया जा सकता है और अंततः इसका बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. जयराम रमेश का कहना था कि यदि ऐसा होता है, तो लोगों को UPI के जरिए भुगतान करने के लिए भी शुल्क देना पड़ सकता है.
वित्त मंत्री ने दावों को बताया भ्रामक
निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस के इन दावों को खारिज करते हुए उन्हें “भ्रामक” बताया. उन्होंने कहा कि विपक्ष यदि संसद में रचनात्मक तरीके से चर्चा करता, तो इन मुद्दों पर सदन में विस्तार से बात हो सकती थी. उनका कहना था कि यह कहना गलत है कि MDR का बोझ UPI यूजर्स पर डाला जाएगा.
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