अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले से सोना, चांदी, कच्चे तेल और भारतीय शेयर बाजार पर क्या पड़ेगा असर?
अमेरिका और वेनेजुएला में तनाव को लेकर ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ सकती है और ऐसे हालात में निवेशक सेफ-हेवेन की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे सोना-चांदी में तेजी संभव है. हालांकि भारत पर इसका असर सीमित रह सकता लेकिन बुलियन बाजार में शॉर्ट टर्म वोलैटिलिटी और उछाल दिख सकता है.
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमलों के बाद ग्लोबल मार्केट में जियो-पॉलिटिकल तनाव एक बार फिर केंद्र में आ गया है. ऐसे में निवेशकों की नजर सुरक्षित निवेश विकल्पों खासतौर पर सोना और चांदी पर जा सकती है. जब भी वैश्विक स्तर पर राजनीतिक या सैन्य तनाव बढ़ता है, तो निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख करते हैं. ऐसे माहौल में सोना और चांदी की मांग बढ़ती है क्योंकि युद्ध जैसी स्थितियों में शेयर बाजार के गिरने की आशंका बनी रहती है. इससे पहले जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था तो उस समय भी निवेशक सेफ हेवेन की तलाश में सोने-चांदी में निवेश करने लगे थे जिससे ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी.
भारत पर असर
हालांकि वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था का आकार इतना बड़ा नहीं है कि इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर बहुत गहरा हो. बावजूद इसके, बुलियन बाजार में शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी और तेजी देखने को मिल सकती है. वहीं, भारतीय शेयर बाजार में भी इसका हल्का इम्पैक्ट दिखाई पड़ सकता है.
कितनी जा सकती है कीमत
Live Mint की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की इस कार्रवाई से अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका फायदा सोना और चांदी को मिल सकता है. COMEX पर सोने की कीमतें जहां $4,380 प्रति औंस तक जा सकती हैं, वहीं चांदी के भाव $75 से $78 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना है. घरेलू बाजार की बात करें तो MCX पर सोना ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,45,000 प्रति किलोग्राम के स्तर को छू सकती है. 3 जनवरी को MCX पर 10 ग्राम सोने की कीमत 1,35,752 रुपये दर्ज की गई जबकि एक किलोग्राम चांदी की कीमत ₹2,36,599 दर्ज की गई.
इस रिपोर्ट के बताया गया है कि अमेरिका-वेनेजुएला संकट ने कुछ अहम समुद्री व्यापार मार्गों को जोखिम में डाल दिया है. ये वही रूट हैं, जिनका इस्तेमाल दुनिया के बड़े चांदी निर्यातक देश करते हैं. इससे चांदी की सप्लाई पर असर पड़ सकता है, जो कीमतों को और सहारा देगा. इसी वजह से चांदी में सोने की तुलना में ज्यादा तेज प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है.
भारत में तेल पर असर
दुनिया के प्रमुख तेल भंडारों की सूची में वेनेजुएला पहले नंबर पर है. इस देश का अनुमानित तेल भंडार लगभग 303 अरब बैरल का है. जब भी किसी बड़े तेल उत्पादक देश में तनाव बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति की अस्थिरता के डर से कीमतों पर असर पड़ता है. भारत, चीन और क्यूबा पहले वेनेजुएला के प्रमुख तेल खरीदार थे, लेकिन अमेरिका के प्रतिबंध के कारण भारत अब वेनेजुएला से लगभग न के बराबर तेल खरीदता है. इसलिए इस जटिल स्थिति में भारत में तेल आपूर्ति पर फिलहाल बहुत बड़ा असर नहीं पड़ता दिखाई दे रहा है.