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दुकान पर UPI से 500 रुपये के पेमेंट पर क्या आपको देना होगा चार्ज? बदलने जा रहा डिजिटल पेमेंट का इकोसिस्टम

वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने छोटे डिजिटल पेमेंट के लिए नियम बताते हुए 14 सितंबर को एक गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया है. यह साफ कर दिया है कि 2000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगेगा. लेकिन यह किसके लिए है?

यूपीआई पेमेंट Image Credit: Photo: David Talukdar/UCG/Universal Images Group via Getty Images

Highlights

  • 2000 रुपये तक का ट्रांजैक्शन यूपीआई पर फ्री रहेगा.
  • यह नोटिफिकेशन कम वैल्यू वाले डिजिटल पेमेंट के लिए जरूरी है.
  • यह आदेश पेमेंट करने और पेमेंट पाने, दोनों पक्षों पर लागू होता है.

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन का इकोसिस्टम अब बदलने वाला है, क्योंकि अब इस सर्विस के इस्तेमाल पर शुल्क देना होगा. हालांकि, सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में यह साफ कर दिया है कि 2000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगेगा. यानी 2000 रुपये तक का ट्रांजैक्शन यूपीआई पर फ्री रहेगा. यह नियम RuPay डेबिट कार्ड से किए गए पेमेंट पर भी लागू होता है. इस 2000 रुपये की लिमिट और नियम को थोड़ा आसान भाषा में खोलकर समझ लेते हैं.

किसी भी तरह का चार्ज नहीं

वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने छोटे डिजिटल पेमेंट के लिए नियम बताते हुए 14 सितंबर को एक गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया है. बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगा सकते. यह रोक सीधे तौर पर या दूसरे तरीकों से लगाए जाने वाले चार्ज पर भी लागू होती है.

यह आदेश पेमेंट करने और पेमेंट पाने, दोनों पक्षों पर लागू होता है. बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर 2,000 रुपये की लिमिट के अंदर UPI ट्रांजैक्शन के लिए पेमेंट करने वाले या पेमेंट पाने वाले व्यक्ति से कोई चार्ज नहीं ले सकते.

दुकानदारों को देनी होगी फीस?

उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक किराने की दुकान पर UPI से 500 रुपये का पेमेंट करता है, तो ग्राहक या दुकानदार, किसी से भी अलग से कोई ट्रांजैक्शन फीस नहीं ली जा सकती. यही नियम 2,000 रुपये तक के पेमेंट के लिए RuPay डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर भी लागू होता है.

आपके लिए नए UPI नियम का क्या मतलब है?

यह नोटिफिकेशन कम वैल्यू वाले डिजिटल पेमेंट के लिए जरूरी है. किराने की दुकानें, सड़क किनारे सामान बेचने वाले, छोटी दुकानें और दूसरे छोटे बिजनेस अक्सर UPI और डेबिट कार्ड से पेमेंट लेते हैं. नए आदेश के तहत 2,000 रुपये या उससे कम के पेमेंट पर ग्राहक या व्यापारी से कोई अलग चार्ज नहीं लिया जा सकता. यह रोक तब भी लागू होती है जब चार्ज अप्रत्यक्ष रूप से लगाया जाता है.

तय लिमिट के अंदर पेमेंट फ्री

यह आदेश पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A के तहत जारी किया गया है. इसमें खास तौर पर 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन और RuPay डेबिट कार्ड से जुड़े पेमेंट पर चार्ज लगाने पर रोक लगाई गई है. ग्राहकों को तय लिमिट के अंदर पेमेंट करने पर कोई अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी. व्यापारियों से भी बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर उसी ट्रांजैक्शन के लिए अलग से चार्ज नहीं ले सकते.

2000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट: क्या बदलाव होंगे?

नोटिफिकेशन में 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन के लिए ‘कोई चार्ज नहीं’ वाला नियम बताया गया है. इसमें उस रकम से अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए कोई फीस नहीं बताई गई है. इसका मतलब है कि नोटिफिकेशन में यह नहीं बताया गया है कि 2,000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज लगेगा या नहीं, और अगर ऐसा कोई चार्ज लगाया जाता है, तो उसकी दर क्या होगी. अधिक वैल्यू वाले ट्रांजैक्शन पर क्या नियम लागू होंगे, यह संबंधित नियमों और फीस स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगा.

UPI चार्ज का मुद्दा तब उठा जब संसद में संबंधित कानून में बदलाव के लिए एक बिल पेश किया गया. प्रस्तावित बदलावों में एक ऐसा स्ट्रक्चर शामिल था, जिसके तहत भविष्य में चुनिंदा ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने की अनुमति दी जा सकती थी. सरकार ने यह भी साफ किया था कि ऐसी किसी भी व्यवस्था का बोझ आम यूजर्स पर नहीं डाला जाएगा.

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