TV9 NETWORK
User
Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

यस बैंक को AT-1 बॉन्ड पर 3 दिन का अल्टीमेटम, Axis Trustee ने दी अवमानना कार्रवाई की चेतावनी

यस बैंक और Axis Trustee Services के बीच 8415 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड को लेकर विवाद बढ़ गया है. ट्रस्टी ने बैंक को तीन दिन में बॉन्ड बहाल करने और जरूरी कॉरपोरेट कार्रवाई पूरी करने को कहा है. ऐसा नहीं होने पर अवमानना कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. यस बैंक ने जानबूझकर अवहेलना के आरोपों को खारिज किया है.

यस बैंक Image Credit: मनी9लाइव

Highlights

  • Axis Trustee Services ने Yes Bank को 8415 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड बहाल करने के लिए तीन दिन का समय दिया है.
  • यस बैंक ने जानबूझकर अवहेलना करने के आरोपों को खारिज किया है.
  • 15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के बॉन्ड राइट ऑफ करने के फैसले को रद्द करने वाले आदेश को बरकरार रखा था.

Yes Bank ने 8415 करोड़ रुपये के Additional Tier-1 (AT-1) बॉन्ड को बहाल करने में जानबूझकर अवहेलना करने के आरोपों को खारिज कर दिया है. वहीं, Axis Trustee Services ने बैंक को तीन दिन के भीतर बॉन्ड बहाल करने और इससे जुड़ी सभी जरूरी कॉरपोरेट कार्रवाई पूरी करने को कहा है. ऐसा नहीं होने पर ट्रस्टी ने बैंक के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी है.

स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल जानकारी के मुताबिक, Yes Bank ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर Axis Trustee Services के साथ बातचीत की है. इससे पहले 28 अक्टूबर को ट्रस्टी ने बैंक को लेटर लिखकर तीन दिन के भीतर बॉन्ड बहाल करने और सभी जरूरी कॉरपोरेट कार्रवाई पूरी करने की मांग की थी.

Yes Bank ने आरोपों को किया खारिज

Axis Trustee Services को भेजे गए जवाब में Yes Bank ने कहा कि वह अपने आचरण को जानबूझकर की गई अवहेलना बताने वाले आरोपों को स्वीकार नहीं करता है. बैंक ने कहा कि वह इन मामलों की जांच और उनके नतीजों का आकलन सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करने के उद्देश्य से कर रहा है.

बैंक ने 24 अक्टूबर को अलग से दाखिल एक खुलासे में यह भी कहा था कि AT-1 बॉन्ड की शर्तों के तहत उसे इन बॉन्ड पर कूपन पेमेंट को लेकर फैसला लेने का अधिकार है.

क्या है AT-1 बॉन्ड से जुड़ा पूरा विवाद?

यह विवाद मार्च 2020 का है. उस समय Yes Bank के एडमिनिस्ट्रेटर ने बैंक के पुनर्गठन के तहत 8,415 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड को राइट ऑफ करने का फैसला लिया था.

Axis Trustee Services ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. जनवरी 2023 में हाई कोर्ट ने बॉन्ड को राइट ऑफ करने के फैसले को कैंसिल कर दिया था. इसके बाद Yes Bank, RBI और केंद्र सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.

इसे भी पढ़ें- GST Collection: अक्टूबर में GST कलेक्शन 22.9% उछलकर ₹2.31 लाख करोड़; जानें किस राज्य से कितना मिला

15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इन अपीलों को खारिज कर दिया और बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा. इसके बाद Axis Trustee Services ने Yes Bank से बॉन्ड बहाल करने की मांग की है. ट्रस्टी का कहना है कि आदेश का पालन नहीं होने पर वह बैंक के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करेगा.