घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, सरकार बना रही ये प्लान
कच्चे तेल की कीमतें नौ महीने के निचले स्तर पर है ऐसे में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMC) इससे जमकर मुनाफा कमा रही हैं. सरकार इसे नियंत्रित करने और ग्राहकों को राहत देने के लिए दाम घटा सकती है.
आम जनता को जल्द ही महंगे पेट्रोल-डीजल की मार से राहत मिलने वाली है. दरअसल केंद्र सरकार ईंधन की कीमतों में कटौती पर विचार कर रही है. चूंकि कच्चे तेल की कीमतें नौ महीने के निचले स्तर पर है ऐसे में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMC) इससे जमकर मुनाफा कमा रही हैं. ओएमसी के इसी मुनाफे को नियंत्रित करने और उपभोक्ताओं को राहत देने के मकसद से पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए जा सकते हैं.
बिजनेस टुडे टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष सरकारी सूत्रों का कहना है कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह फैसला लिया जा सकता है. साथ ही आगामी महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भी लोगों को लुभाने के लिए इसे घटाया जा सकता है. इसके लिए इंटरनल बातचीत जारी है. बता दें बुधवार को अमेरिकी कच्चे तेल में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और यह 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है. जबकि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 1 डॉलर प्रति बैरल गिरकर 72.75 डॉलर पर आ गई है. इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि ओपेक+ अगले महीने से शुरू होने वाले उत्पादन में बढ़ोतरी को टाल सकता है.
क्या है गोल्डमैन सैक्स का अनुमान?
गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के मुताबिक तेल की कीमतें 70 से 85 डॉलर प्रति बैरल के बीच रह सकती हैं. अगर मौजूदा कीमतें अस्थायी भी हैं, तो भी कीमतों के 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर होने पर भी सरकार अनुकूल स्थिति में रहेगी. दूसरे स्रोत के अनुसार इससे सरकार सरकारी खुदरा विक्रेताओं से खुदरा कीमतें स्थिर रखने की अपील कर सकती है. बता दें केंद्र सरकार ने पिछली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आम चुनावों से ठीक पहले 14 मार्च को 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी.
