दुश्मनों की खैर नहीं, S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ ने रचा इतिहास, IAF ने मार गिराया सबसे लंबी दूरी पर लक्ष्य
भारतीय वायुसेना ने S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ एयर डिफेंस सिस्टम का वीडियो जारी कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है. वायुसेना ने इसे सैन्य इतिहास का सबसे लंबी दूरी का इंटरसेप्ट बताया. यह प्रदर्शन ‘वायु शक्ति-2026’ अभ्यास से जुड़ा है, जिसमें आधुनिक लड़ाकू विमानों और मिसाइल प्रणालियों ने देश की मजबूत हवाई सुरक्षा का संदेश दिया.
S-400 Air Defence System: भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपने अत्याधुनिक S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ एयर डिफेंस सिस्टम का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दूर से आ रहे हवाई लक्ष्य को मिसाइल से मार गिराते हुए दिखाया गया है. वायुसेना ने इसे सैन्य इतिहास का अब तक का सबसे लंबी दूरी का इंटरसेप्ट बताया है. यह वीडियो राजस्थान के पोखरण में होने वाले बड़े सैन्य अभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ से पहले जारी किया गया था.
सबसे लंबी दूरी पर मार गिराया लक्ष्य
वीडियो में दिखाया गया है कि रडार पहले बहुत दूर मौजूद हवाई लक्ष्य को पकड़ता है. इसके बाद मिसाइल दागी जाती है और लक्ष्य को लंबी दूरी पर ही नष्ट कर दिया जाता है. वीडियो पर लिखा है -“दुश्मन नजर से दूर हो सकता है, लेकिन पहुंच से नहीं.”
आईएएफ के अनुसार, यह इंटरसेप्ट अब तक की सबसे लंबी दूरी पर किया गया है. वीडियो में मई 2025 में हुई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र है, जिसमें S-400 सिस्टम ने अहम भूमिका निभाई थी. अधिकारियों का दावा है कि उस दौरान करीब 300 किलोमीटर अंदर तक मौजूद लक्ष्य को निशाना बनाया गया था.
रूस में विकसित, भारत में ‘सुदर्शन चक्र’
Almaz-Antey द्वारा विकसित S-400 ट्रायम्फ सिस्टम दुनिया के सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में गिना जाता है. भारत में इसे ‘सुदर्शन चक्र’ नाम दिया गया है और इसका संचालन भारतीय वायुसेना करती है. भारत ने 2018 में रूस के साथ करीब 5.4 अरब डॉलर में पांच S-400 रेजिमेंट खरीदने का समझौता किया था. इसकी डिलीवरी 2021 से शुरू हुई.
इस सिस्टम में अलग-अलग तरह की मिसाइलें लगाई जाती हैं. 40N6 मिसाइल की रेंज करीब 400 किमी तक बताई जाती है, जबकि 48N6 और 9M96 जैसी मिसाइलें मध्यम और कम दूरी के लक्ष्यों को निशाना बनाती हैं. इसका रडार लगभग 600 किमी तक लक्ष्य पकड़ने में सक्षम माना जाता है.
‘वायु शक्ति-2026’ में दिखी वायुसेना की ताकत
पोखरण में आयोजित ‘वायु शक्ति-2026’ अभ्यास में भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत और आधुनिक तकनीक का भव्य प्रदर्शन किया. इस अभ्यास के दौरान तेजस, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29 और हॉक जैसे लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया और विभिन्न हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया. इसके अलावा हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट विमानों ने भी ऑपरेशनल क्षमता दिखाई. इस अभ्यास में S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ सिस्टम भी भारत की बहु-स्तरीय वायु रक्षा व्यवस्था के अहम हिस्से के रूप में सामने आया. यह सिस्टम आकाश और अन्य मध्यम दूरी की मिसाइल प्रणालियों के साथ मिलकर देश की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
