तमिलनाडु 59, कर्नाटक 42… परिसीमन के बाद दक्षिण के 5 राज्यों में कितनी हो जाएंगी सीटें, अमति शाह ने समझाया गणित
लोकसभा में बोलते हुए शाह ने दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को लेकर विपक्ष के हमलों के बीच स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की और कहा कि मौजूदा सीटों के अनुपात में ही सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी. शाह उन तीन बिलों का जिक्र कर रहे थे जिन्हें लोकसभा में पेश किया गया है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को परिसीमन पर एक ‘व्यावहारिक व्याख्या’ देने की कोशिश की, जबकि विपक्ष ने इस बात पर चिंता जताई कि इस प्रक्रिया से उत्तरी राज्यों को फ़ायदा होगा, वहीं पिछले कुछ दशकों में जनसंख्या वृद्धि में अंतर के कारण दक्षिणी राज्य पीछे रह जाएंगे. लोकसभा में बोलते हुए शाह ने दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को लेकर विपक्ष के हमलों के बीच स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की और कहा कि मौजूदा सीटों के अनुपात में ही सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी.
850 हो जाएंगी लोकसभा की सीटें
शाह उन तीन बिलों का जिक्र कर रहे थे जिन्हें लोकसभा में पेश किया गया है. इन बिलों का मकसद मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करना और लोकसभा में महिलाओं को एक-तिहाई प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है. इस प्रस्ताव का दक्षिणी राज्यों और विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया है, क्योंकि उनका मानना है कि इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे उत्तरी राज्यों को ज्यादा फायदा होगा.
कर्नाटक में कितनी सीटें बढ़ेंगी
अमित शाह ने लोकसभा में कहा, ‘कर्नाटक में कुल 543 लोकसभा सीटों में से 28 सीटें हैं, और सदन में 5.15% सांसद कर्नाटक से आते हैं. बिल पास होने के बाद, कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी, जबकि प्रतिनिधित्व 5.14 फीसदी रहेगा. इसलिए, कर्नाटक को कोई नुकसान नहीं होगा.’
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना
आंध्र के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जहां लोकसभा सीटों की संख्या 25 से बढ़ाकर 38 कर दी जाएगी, वहीं परिसीमन के बाद प्रतिनिधित्व 4.60 फीसदी से बढ़कर 4.65 फीसदी हो जाएगा. शाह ने कहा कि तेलंगाना में 17 सीटें हैं, जबकि 543 सदस्यों वाले सदन में इसका प्रतिनिधित्व 3.13% है. अब सदस्यों की संख्या में 50 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद, सीटों की संख्या बढ़कर 26 हो जाएगी, जबकि प्रतिनिधित्व बढ़कर 3.18 फीसदी हो जाएगा.
| राज्य | 2024 चुनाव के अनुसार लोकसभा सीटें | परिसीमन के बाद बढ़कर कितनी होंगी सीटें |
| कर्नाटक | 28 | 42 |
| आंध्र प्रदेश | 25 | 38 |
| तेलंगाना | 17 | 26 |
| तमिलनाडु | 39 | 59 |
तमिलनाडु की नहीं कम होगी ताकत
तमिलनाडु के मामले में केंद्रीय मंत्री ने राज्य के लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी ताकत कम नहीं होगी, बल्कि बढ़ेगी. गृह मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु से 39 सांसद चुने जाते हैं और 543 सदस्यों वाले सदन में उनका प्रतिनिधित्व 7.18 फीसदी है. बढ़ोतरी के बाद, सांसदों की संख्या बढ़कर 59 हो जाएगी और उनका प्रतिनिधित्व 7.23 फीसदी होगा.
केरल
केरल का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि केरल में 20 लोकसभा की सीटें हैं और यहां की हिस्सेदारी 3.68 फीसदी है, लेकिन परिसीमन लागू होने के बाद केरल की सीटें बढ़कर 30 हो जाएगी और हिस्सेदारी 3.67 फीसदी हो जाएगी.
उन्होंने आगे कहा कि पांच दक्षिणी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 129 से बढ़कर 195 हो जाएगी, जबकि प्रतिनिधित्व 23.76 फीसदी से बढ़कर 23.87 फीसदी हो जाएगा.
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि परिसीमन 2011 की जनगणना पर आधारित होगा. इस परिसीमन के जरिए संसद में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण भी लागू हो जाएगा. यह एक लंबे समय से लंबित योजना थी जिसे 2023 में मंजूरी दी गई थी.
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