IRFC Q3 Results: मुनाफा 10.5 फीसदी बढ़कर 1802 करोड़ हुआ, रेवेन्यू में 1.5% की गिरावट
कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि इस तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछले साल के मुकाबले 8 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है. IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, मनोज कुमार दुबे ने कहा, 'यह तिमाही IRFC 2.0 के तहत मजबूत परफॉर्मेंस को दिखाती है.
सरकारी कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए. कंपनी ने बताया कि दिसंबर 2025 को खत्म हुई तीसरी तिमाही में उसका नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के 1,631 करोड़ रुपये के प्रॉफिट के मुकाबले 10.5 फीसदी बढ़कर 1,802 करोड़ रुपये हो गया है. इस तिमाही में ऑपरेशनल रेवेन्यू 6,661 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में रिपोर्ट किए गए 6,763 करोड़ रुपये से 1.5 फीसदी कम है.
कंपनी का कुल खर्च
दिसंबर में खत्म हुई तीसरी तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 4,917.04 करोड़ रुपये रहा, जबकि FY26 की दूसरी तिमाही में यह 4,594.93 करोड़ रुपये था, जिससे तिमाही-दर-तिमाही खर्च में 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. पिछले साल की तीसरी तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 5,135.73 करोड़ रुपये था.
नेट इंटरेस्ट मार्जिन में इजाफा
कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि इस तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछले साल के मुकाबले 8 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है, जिसमें अलग-अलग सेगमेंट में वैल्यू बढ़ाने वाले डिस्बर्समेंट और IRFC 2.0 के तहत लायबिलिटी मैनेजमेंट के लिए सावधानी भरे अप्रोच का योगदान रहा.
तिमाही में कुल इनकम
इस तिमाही में कुल इनकम 6,719.23 करोड़ रुपये रही, जबकि 9 महीने की अवधि में इनकम 20,009.38 करोड़ रुपये रही, जो डाइवर्सिफिकेशन से होने वाली बिजनेस ग्रोथ के कारण हुई. कंपनी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में तिमाही इनकम में थोड़ी गिरावट मुख्य रूप से रेल मंत्रालय द्वारा एक प्रोजेक्ट लीज एग्रीमेंट के लिए दी गई मोहलत को एक साल बढ़ाने के कारण हुई, जिससे इस अवधि में रेवेन्यू रिकग्निशन पर असर पड़ा.
मजबूत परफॉर्मेंस
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, मनोज कुमार दुबे ने कहा, ‘यह तिमाही IRFC 2.0 के तहत मजबूत परफॉर्मेंस को दिखाती है. हमारा Q3 प्रदर्शन IRFC के बिजनेस मॉडल की मजबूती और कोर रेलवे फाइनेंसिंग और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट दोनों में डाइवर्सिफिकेशन की प्रभावशीलता को दिखाता है. सबसे जरूरी बात यह है कि हमने 9 महीनों के अंदर ही 60,000 करोड़ रुपये के अपने सालाना मंजूरी गाइडेंस को हासिल कर लिया है, जो हमारी पाइपलाइन की मजबूती और काम करने की गति को दिखाता है.’
क्वार्टर के आखिर में मैनेजमेंट के तहत एसेट्स बढ़कर 4.75 लाख करोड़ रुपये के अब तक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गए, यहां तक कि रेलवे से कोई नया बिजनेस न मिलने के बावजूद भी. कंपनी ने अपना ‘ज़ीरो NPA’ स्टेटस भी बनाए रखा. दुबे ने कहा, ‘आगे देखें तो, IRFC को उम्मीद है कि ज्यादा मार्जिन वाली डाइवर्सिफाइड लेंडिंग और इंडियन रेलवे के साथ नए प्रोजेक्ट एग्रीमेंट का पॉजिटिव असर, मॉरेटोरियम पीरियड खत्म होने के बाद, अगले फाइनेंशियल ईयर से ज्यादा साफ दिखाई देगा.’
IRFC शेयर की आज की कीमत
IRFC का शेयर सोमवार को BSE पर 1.51 फीसदी की गिरावट के साथ 120.35 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए.