कोल इंडिया 6 महीने के अंदर BCCL में बची हुई 15% हिस्सेदारी बेचेगी, एक और सब्सिडियरी का मार्च में आ सकता है IPO

BCCL की जोरदार लिस्टिंग के बाद एक बड़ी खबर सामने आई है. कोल इंडिया (CIL) ने अपनी कोकिंग कोल और नॉन-कोकिंग कोल एसेट्स से वैल्यू निकालने के लिए और सब्सिडियरी कंपनियों को लिस्ट करने का एक फेज्ड प्लान बनाया है.

बीसीसीएल में कोल इंडिया बेचेगी इतनी हिस्सेदारी. Image Credit: Canva/Money9 live

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) में 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने में मिली सफलता के बाद, सरकारी कंपनी कोल इंडिया (CIL) ने अपनी कोकिंग कोल और नॉन-कोकिंग कोल एसेट्स से वैल्यू निकालने के लिए और सब्सिडियरी कंपनियों को लिस्ट करने का एक फेज्ड प्लान बनाया है. मनीकंट्रोल ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है. अधिकारियों ने बताया कि कंपनी, जिसने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिए अपनी BCCL में 10 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी, अगले छह महीनों में बाकी 15 फीसदी हिस्सेदारी भी बेचने की योजना बना रही है.

मार्केट और बेहतर वैल्यू पर नजर

सूत्र ने कहा, ‘हम बाजार देखेंगे और ज्यादा वैल्यू पाने की कोशिश करेंगे. बाकी 15 फीसदी हिस्सेदारी हम अगले छह महीनों में बेच देंगे और साथ ही कहा कि यह चरणों में किया जा सकता है. कोल इंडिया फरवरी में अपनी एक और सब्सिडियरी, सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट के लिए इन्वेस्टर रोडशो शुरू करेगी और मार्च तक IPO लाने की योजना है. सूत्रों ने बताया कि यह IPO, जिसके ऑफर फॉर सेल होने की उम्मीद है, BCCL जैसा ही होगा और CIL शुरू में 10-15 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी.

कोकिंग कोल के उत्पादन में BCCL की बड़ी हिस्सेदारी

2022 में कंपनी ने कहा था कि उसके बोर्ड ने BCCL की 25 फीसदी पेड-अप शेयर कैपिटल के विनिवेश और उसके बाद स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग के लिए ‘सैद्धांतिक’ मंजूरी दे दी है. हालांकि, उस समय सब्सिडियरी कंपनियां लिस्ट नहीं हुई थीं. BCCL देश में खनन किए जाने वाले ज्यादातर कोकिंग कोल का उत्पादन करती है, जो इसकी सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन का 58.50 फीसदी है.

CMPDI का क्या है काम?

रांची में हेडक्वार्टर वाली CMPDI, कोल इंडिया की कंसल्टेंसी फर्म है जो मिनरल एक्सप्लोरेशन, माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों में रिसर्च और सपोर्ट देती है. कंपनी की सालाना रिपोर्ट के डेटा के अनुसार, FY25 में BCCL ने पिछले साल के 1,564.46 करोड़ रुपये के PAT के मुकाबले 1,240.19 करोड़ रुपये का सालाना प्रॉफिट दर्ज किया.

विनिवेश की योजना

सरकारी कोयला उत्पादन करने वाली प्रमुख कंपनी ने अगले कुछ महीनों में अपनी दो अन्य सब्सिडियरी कंपनियों, महानदी कोलफील्ड्स और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स के लिए भी विनिवेश की योजना बनाई है. कंपनी 2030 तक अपनी सभी सब्सिडियरी कंपनियों को लिस्ट करने की योजना बना रही है.

दो कंपनियों को लिस्ट करने की योजना

सूत्र ने कहा, ‘BCCL और CMPDI के बाद, हमारे पास महानदी कोल और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स भी हैं. सरकार से मंजूरी मिलने के बाद हम आने वाले वित्तीय वर्ष में दोनों सब्सिडियरी कंपनियों को लिस्ट करने की योजना बना रहे हैं.’ BCCL और MCL मिलकर देश के कोयला उत्पादन में 50 फीसदी का योगदान करते हैं और CIL की वैल्यू को अनलॉक करने में मदद करेंगे. कंपनी इन दोनों सब्सिडियरी कंपनियों में 25 फीसदी हिस्सेदारी का विनिवेश करेगी.

BCCL की जोरदार लिस्टिंग

कोल इंडिया की कोयला खनन में अन्य सब्सिडियरी कंपनियों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स, सेंट्रल कोलफील्ड्स, वेस्टर्न कोलफील्ड्स और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स शामिल हैं. BCCL के स्टॉक ने 19 जनवरी को BSE पर 45.21 रुपये पर लिस्ट होकर शानदार शुरुआत की, जो इश्यू प्राइस से 96.56 फीसदी का प्रीमियम था.

यह भी पढ़ें: RBI ने BRICS डिजिटल करेंसी को लिंक करने का दिया प्रस्ताव, आसान होगा क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट