सबसे ज्यादा इस राज्य से सऊदी अरब-कुवैत-दुबई जाते हैं भारतीय, केरल भी रह गया दंग!

संयुक्त अरब अमीरात , सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देशों में भारत के अलग-अलग राज्यों से लाखों लोग रोजगार के लिए जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि भारत के किन राज्यों से सबसे ज्यादा लोग इन देशों में काम करने जाते हैं और युद्ध की ऐसी स्थिति में किन राज्यों के लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.

सबसे ज्यादा इस राज्य से गल्फ कंट्रीज जाते हैं भारतीय

Indian Workers in Gulf countrie: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग का आज सातवां दिन हो गया है. बीते छह दिनों में ईरान में भारी तबाही की खबरें सामने आई हैं. इस युद्ध का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों पर भी पड़ रहा है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन जैसे देशों में भारत के अलग-अलग राज्यों से लाखों लोग रोजगार के लिए जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि भारत के किन राज्यों से सबसे ज्यादा लोग इन देशों में काम करने जाते हैं और युद्ध की ऐसी स्थिति में किन राज्यों के लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.

गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीय अब यूपी और बिहार से सबसे ज्यादा

हाल के सालों में खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. 2023-2024 के आंकड़ों के अनुसार अब उत्तर प्रदेश और बिहार खाड़ी देशों में कामगार भेजने वाले सबसे बड़े राज्य बन चुके हैं. पहले यह स्थान केरल के पास लंबे समय तक रहा था.

टॉप 5 राज्य जहां से जाते हैं सबसे ज्यादा भारतीय

UAE आधारित संगठन Huntr की एक स्टडी के मुताबिक खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के छह देशों बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में जाने वाले भारतीय ब्लू-कॉलर वर्कर्स में बड़ा बदलाव आया है. इस रिपोर्ट के अनुसार केरल से जाने वाले श्रमिकों की संख्या में करीब 90 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. वहीं इस खाली जगह को उत्तर प्रदेश और बिहार के कामगारों ने तेजी से भर दिया है. GCC देशों में काम करने जाने वाले भारतीयों के मामले में शीर्ष पांच राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु है. इसके अलावा राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से भी बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में रोजगार के लिए जाते हैं.

कौन से खाड़ी देशों में जाते हैं सबसे ज्यादा भारतीय?

भारतीय मजदूरों और प्रोफेशनल्स के लिए खाड़ी देशों में रोजगार के सबसे फेमस स्थान अभी भी वही हैं जो लंबे समय से रहे हैं. इनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और ओमान प्रमुख हैं. इन देशों में भारतीय लोग कंस्ट्रक्शन, तेल और गैस, मैन्युफैक्चरिंग, होटल, हेल्थकेयर और IT सेक्टर में काम करते हैं. पिछले कुछ वर्षों में भारतीय प्रोफेशनल्स जैसे इंजीनियर, डॉक्टर, नर्स और IT एक्सपर्ट्स की संख्या भी तेजी से बढ़ी है.

खाड़ी देशों में रहने के खर्च में बड़ा अंतर

खाड़ी देशों में रहने की लागत भी अलग-अलग है. डेटा प्लेटफॉर्म Numbeo के 2025 Cost of Living Index के अनुसार ओमान को GCC देशों में रहने के लिए सबसे किफायती देश माना गया है. ओमान में एक परिवार का औसत मासिक खर्च 9,597.6 दिरहम (ओमान रियाल 1,004.7; लगभग USD 2,611.54) है, जबकि एक अकेले व्यक्ति का खर्च लगभग Dh2,773.2 (OMR 290.3; लगभग USD 755.56) बताया गया है. ओमान का जीवनयापन खर्च संयुक्त अरब अमीरात की तुलना में 26.5 प्रतिशत कम है और किराया करीब 71.7 प्रतिशत सस्ता है.

इसके बाद बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब अपेक्षाकृत सस्ते देशों में शामिल हैं. वहीं संयुक्त अरब अमीरात इस क्षेत्र का सबसे महंगा देश माना जाता है. दुबई में एक परिवार का औसत मासिक खर्च करीब Dh14,765 और अकेले व्यक्ति का खर्च Dh4,242.5 तक पहुंच जाता है.

भारत और खाड़ी देशों के आर्थिक रिश्ते भी मजबूत

आज भारत और खाड़ी देशों के बीच संबंध केवल तेल और श्रमिकों तक सीमित नहीं रहे हैं. भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेजी से उभरती ताकत बन चुका है. देश के पास करीब 700 अरब डॉलर का फॉरेक्स रिजर्व है और इसकी अर्थव्यवस्था करीब 4 लाख करोड़ डॉलर के आसपास पहुंच चुकी है.

खाड़ी देशों में बढ़ रही भारतीय कंपनियों की मौजूदगी

खाड़ी देशों में केवल भारतीय श्रमिक ही नहीं बल्कि भारतीय कंपनियों की मौजूदगी भी तेजी से बढ़ी है. इंजीनियरिंग, IT, निर्माण, होटल और FMCG जैसे कई क्षेत्रों में भारतीय कंपनियां बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं. इनमें Larsen & Toubro (L&T), Essar, Punj Lloyd, Engineers India Ltd (EIL), TCS, Infosys, Wipro, Bharti Airtel, Dabur और Taj Hotels जैसी कंपनियां शामिल हैं.

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