जनवरी में बेरोजगारी दर बढ़कर 5% हुई, ग्रामीण इलाकों में ज्यादा असर, जानें महिलाओं की कैसी रही स्थिति
जनवरी 2026 में भारत की बेरोजगारी दर बढ़कर 5% हो गई जो दिसंबर में 4.8% थी. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में देखी गई, जहां मौसमी सुस्ती और फसल कटाई के बाद काम कम हुआ. शहरी बेरोजगारी भी हल्की बढ़ी जबकि लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन और वर्कर रेशियो में गिरावट दर्ज हुई.
भारत में जनवरी 2026 के दौरान बेरोजगारी दर में मामूली बढ़त हुई और यह 5% पर पहुंच गई जो दिसंबर 2025 में 4.8% थी. सरकार की ओर से जारी पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में देखने को मिली. गांवों में बेरोजगारी दर 3.9% से बढ़कर 4.2% हो गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई.
शहरी बेरोजगारी में भी हल्की बढ़त
शहरों में बेरोजगारी दर दिसंबर के 6.7% से बढ़कर जनवरी में 7.0% हो गई. हालांकि सरकार का कहना है कि शहरी अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत स्थिर बनी रही, जबकि सर्दियों के मौसम और फसल कटाई के बाद कामकाज में आई सुस्ती का असर ग्रामीण रोजगार पर ज्यादा पड़ा. निर्माण, कृषि से जुड़े काम, परिवहन और छोटे व्यापार जैसी गतिविधियों में धीमापन देखने को मिला.
लेबर फोर्स भागीदारी और वर्कर रेशियो घटा
जनवरी में लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) और वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR) दोनों में गिरावट दर्ज की गई. 15 साल और उससे अधिक आयु वर्ग में LFPR घटकर 55.9% रह गया जो दिसंबर में 56.1% था. ग्रामीण LFPR 59% से घटकर 58.7% और शहरी LFPR 50.2% से थोड़ा बढ़कर 50.3% रहा.
महिलाओं में बेरोजगारी बढ़ी
आंकड़ों के अनुसार पुरुषों में बेरोजगारी दर लगभग स्थिर रही, लेकिन महिलाओं में बेरोजगारी दर दिसंबर के मुकाबले जनवरी में अधिक रही। कुल महिला श्रम भागीदारी दर जनवरी में 35.1% रही। ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी 39.7% और शहरी महिलाओं की 25.5% दर्ज की गई.
क्या बोली सरकार
सरकार का कहना है कि जनवरी में बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी मौसमी कारणों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अस्थायी सुस्ती की वजह से हुई है. एनालिस्ट्स के मुताबिक आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी के साथ रोजगार के आंकड़ों में सुधार देखने को मिल सकता है.
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