नीतीश कुमार दिल्ली गए, क्या खत्म होगी शराबबंदी, नए CM सम्राट चौधरी के इन 3 बयानों से मिल जाएगा जवाब
बिहार में मुख्यमंत्री के दावेदार का नाम कन्फर्म होते ही एक सवाल तेजी से वायरल हो रहा है कि क्या नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नीतीश कुमार की शराबबंदी को आगे बढ़ाएंगे या इसे हटा देंगे. आइए जानते हैं सम्राट चौधरी के तीन बयानों से कि शराबबंदी को लेकर उनके क्या सोच हैं और मुख्यमंत्री बनने के बाद वे इस नीति को जारी रखेंगे या नहीं.
Will Bihar Liquor Ban Continue or End: बिहार में नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफे के बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर काफी समय से कयास लगाए जा रहे थे, जिनका अब रिजल्ट सामने आ गया है. जी हां, बिहार ने अब अपना नया मुख्यमंत्री चुन लिया है. एनडीए ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिया है. नीतीश कुमार के बाद अब बिहार की कमान सम्राट चौधरी संभालेंगे. फिलहाल वे उप-मुख्यमंत्री हैं. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा चले गए हैं. ऐसे में बिहार समेत पूरे देश की जनता की नजर राज्य के सुशासन बाबू की शराब नीति पर टिकी है. क्योंकि बिहार में लागू शराबबंदी केवल राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय रही है. अब सवाल यह है कि क्या नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नीतीश कुमार की शराबबंदी को आगे बढ़ाएंगे या इसे हटा देंगे? आइए, जानते हैं सम्राट चौधरी के तीन बयानों से कि शराबबंदी को लेकर उनके क्या सोच हैं और मुख्यमंत्री बनने के बाद वे इस नीति को जारी रखेंगे या नहीं.
शराबबंदी को लेकर नए सीएम सम्राट चौधरी का पहला बयान, नवंबर 2025
बिहार चुनाव के दौरान नवंबर 2025 में चुनाव प्रचार के समय एक टीवी शो में जब उनसे पूछा गया कि बिहार में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो यह कह सके कि शराबबंदी कड़ाई से लागू हुई है, तब उन्होंने अपने जवाब में कहा कि बिहार में शराबबंदी से शांति है. उन्होंने कहा कि गांधी जी का सपना पूरा हो रहा है. राज्य में शराब की ढिलाई को लेकर उन्होंने कहा कि “कौन चोरी नहीं करता है, जो चोरी कर रहा है उसे करने दीजिए”. उन्होंने कहा कि नीतीश जी ने अपने जीवनकाल में सबसे बड़ा फैसला अगर किया होगा तो वह शराबबंदी है. आगे उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि शराबबंदी से राज्य को 25 हजार करोड़ रुपये की हानि होती है, लेकिन इसके बावजूद आज राज्य में किसी भी इलाके में जाने पर कोई शराबी नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि घर के अंदर कोई पीए, इस पर मैं कड़ाई नहीं करता. उन्होंने कहा कि बिहार में अब शराबी सड़क पर नहीं मिलेगा, घर के अंदर भले ही मिलता हो, यह मैं कह सकता हूं.
शराबबंदी को लेकर नए सीएम सम्राट चौधरी का दूसरा बयान, मार्च 2026
वहीं, एक दूसरे कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने फिर से शराबबंदी को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि शराबबंदी के कारण हमें लगभग 28 से 30 हजार करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है. उस राज्य में, जिसका मौजूदा वित्तीय वर्ष में अपना राजस्व 70 हजार करोड़ रुपये भी नहीं है, इसके बावजूद साल 2016 में नीतीश कुमार ने शराबबंदी जैसा बड़ा फैसला लिया और उसे लागू भी किया. इसके बावजूद राज्य ने खुद को मजबूती से खड़ा करने का काम किया है. उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला नीतीश कुमार के जीवन का सबसे बड़ा फैसला है.
शराबबंदी को लेकर नए सीएम सम्राट चौधरी का तीसरा बयान
वहीं, एक दूसरे कार्यक्रम में नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शराबबंदी समेत कई मुद्दों पर दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन की स्थापना की है और उसे लगातार आगे बढ़ाने का काम किया है. साथ ही उन्होंने सुशासन को और मजबूत करने के निर्देश दिए. चाहे कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात हो या अपराधियों पर कार्रवाई की, चाहे बालू माफिया हो या शराब माफिया, सभी को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी.
नए CM बनने के बाद सम्राट चौधरी शराबबंदी को आगे बढ़ाएंगे या हटाएंगे?
अब तक दिए गए तीनों बयानों से यह संकेत मिलता है कि बिहार में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सम्राट चौधरी शराबबंदी की नीति को आगे बढ़ा सकते हैं. यानी इसे हटाने का रास्ता फिलहाल दूर-दूर तक नजर नहीं आता है.
शराबबंदी कब से है लागू और क्यों हटाने की हो रही मांग?
बिहार में पूर्ण शराबबंदी 5 अप्रैल 2016 से लागू है, जिसे नीतीश कुमार सरकार द्वारा शुरू किया गया था. साल 2025 के विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों के अलग-अलग चुनावी एजेंडे के बीच शराबबंदी को हटाने का मुद्दा भी चर्चा में रहा. राज्य में जहरीली शराब से होने वाली मौतों, अवैध कारोबार, राजस्व में प्रति वर्ष हजारों करोड़ रुपये के नुकसान और अदालती मुकदमों के बढ़ते बोझ के कारण इसे हटाने की मांग तेज हो गई है.
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