बिहार के भावी CM के पास कितना सोना-चांदी, म्यूचुअल फंड में जमकर लगाते हैं पैसा, देखें सम्राट चौधरी का पोर्टफोलियो
अगर पूरे पोर्टफोलियो को देखें, तो सम्राट चौधरी ने सबसे ज्यादा पैसा इंश्योरेंस सेक्टर में लगाया है, जहां कुल निवेश करीब 55.66 लाख रुपये है. इसके बाद दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा ज्वेलरी (सोना-चांदी) में है, जिसमें लगभग 40.75 लाख रुपये का निवेश है. खास बात यह है कि इसमें केवल गोल्ड में ही करीब 40 लाख रुपये लगाए गए हैं.
Bihar CM Samrat Chaudhary: एक लंबे इंतजार के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो चुका है. मुख्यमंत्री पद के लिए एनडीए ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना है. नई सरकार के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम बुधवार को होगा. इस तरह बिहार में दो दशक के सत्ता के सिंहासन पर विराजमान नीतीश कुमार के शासन का समापन हो गया है. नीतीश के दिल्ली जाने के फैसले से अब बिहार में सत्ता की बागडोर बीजेपी के हाथों में होगी और राज्य में पहली बार पार्टी का मुख्यमंत्री होगा. सम्राट चौधरी बिहार के तारापुर से विधायक हैं.
चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार सम्राट चौधरी के पास 11 करोड़ से ज्यादा के एसेट हैं. उन्होंने गोल्ड-सिल्वर के साथ-साथ म्यूचुअल फंड में भी निवेश कर रखा है. आइए जानते हैं कि सम्राट चौधरी ने किस म्यूचुअल फंड में कितना निवेश कर रखा है? इसके साथ ही उनके पास कितनी मात्रा में गोल्ड-सिल्वर है.
पास में इतने ग्राम सोना-चांदी
अगर पूरे पोर्टफोलियो को देखें, तो सम्राट चौधरी ने सबसे ज्यादा पैसा इंश्योरेंस सेक्टर में लगाया है, जहां कुल निवेश करीब 55.66 लाख रुपये है. इसके बाद दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा ज्वेलरी (सोना-चांदी) में है, चौधरी ने करीब 200 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी में निवेश कर रखा है. जिसकी हलफनामे के अनुसार कीमत करीब 40.75 लाख रुपये है.
म्यूचुअल फंड में भी अच्छी खासी हिस्सेदारी
म्यूचुअल फंड में भी अच्छी खासी हिस्सेदारी है, करीब 31.83 लाख रुपये, जो लॉन्ग टर्म ग्रोथ के नजरिए से है. वहीं सेविंग्स स्कीम (PPF और सुकन्या योजना) में लगभग 28.73 लाख रुपये लगाए गए हैं, जो सेफ और स्थिर रिटर्न के लिए हैं.
| कैटेगरी | निवेश का विवरण | राशि (रुपये में) |
|---|---|---|
| म्यूचुअल फंड / शेयर | Franklin India Equity Fund | 4,18,030 |
| HDFC Midcap Opportunities Fund | 5,23,092 | |
| Nippon India Retirement Fund | 22,42,547 | |
| कुल (म्यूचुअल फंड) | 31,83,669 | |
| NSS / सेविंग्स | PPF | 10,28,502 |
| Sukanya Samridhi Yojana | 18,45,373 | |
| कुल (सेविंग्स) | 28,73,875 | |
| इंश्योरेंस | LIC (लाइफ इंश्योरेंस ) | 8,07,420 |
| SBI Life Policy | 1,50,000 | |
| SBI Life | 10,50,000 | |
| HDFC Life | 25,00,000 | |
| LIC (अन्य) | 10,59,000 | |
| कुल (इंश्योरेंस) | 55,66,420 | |
| ज्वेलरी | Gold (200 gm) | 40,00,000 |
| Silver (500 gm) | 75,000 | |
| कुल (ज्वेलरी) | 40,75,000 |
RJD से किया था सियासत में आगाज
सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है. उनके पिता शकुनी चौधरी राज्य के प्रमुख नेताओं में गिने जाते रहे हैं, और उन्हीं के मार्गदर्शन में सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की. हालांकि वे कई दलों से होते हुए बीजेपी में पहुंचे, लेकिन असली राजनीतिक पहचान और ऊंचाई उन्हें बीजेपी में ही मिली. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत समता पार्टी से की, इसके बाद आरजेडी में शामिल हुए, जहां वे मंत्री भी बने. बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और यहीं उनकी राजनीतिक जमीन मजबूत हुई. साल 2018 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उनका कद लगातार बढ़ता गया और आज वे प्रदेश बीजेपी के शीर्ष पद पर आसीन हैं. 2019 में जब नित्यानंद राय प्रदेश अध्यक्ष थे, तब सम्राट चौधरी को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया. 2020 में वे बीजेपी के टिकट पर विधान परिषद पहुंचे. अगस्त 2022 में जब नीतीश कुमार ने बीजेपी से अलग होकर आरजेडी के साथ महागठबंधन सरकार बनाई, उसी दौरान सम्राट चौधरी को एक नई राजनीतिक पहचान मिली और वे विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बने.
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