जॉब जाने के बाद भी चलता रहेगा कंपनी से कराया गया हेल्‍थ इंश्‍योरेंस, अपनाएं ये तरीका

नौकरी छोड़ने या जॉब जाने के बाद भी कंपनी से कराया गया हेल्‍थ इंश्‍योरेंस बेकार नहीं जाएगा. आप चाहे तो इसे पोर्ट करा सकते हैं. इससे आप ग्रुप हेल्‍थ इंश्‍योरेंस को व्‍यक्तिगत प्‍लान में बदल सकते हैं.

ग्रुप हेल्‍थ इंश्‍योरेंस को कैसे कराएं पोर्ट Image Credit: freepik

नौकरीपेशा लोगों को अक्‍सर कंपनी की ओर से हेल्‍थ इंश्‍योरेंस की सुविधा मिलती है, जिसे ग्रुप हेल्‍थ इंश्‍योरेंस कहते हैं. मगर नौकरी छोड़ने या जॉब जाने के बाद उनका ये प्‍लान बेकार हो जाता है. अगर ये सोचकर आप भी अपने स्‍वास्‍थ्‍य बीमा को लेकर टेंशन में हैं तो चिंता मत करिए. दरअसल आप कुछ तरीकों को अपनाकर इस ग्रुप हेल्‍थ पॉलिसी को अपने नाम पर यानी इसे पर्सनल इंश्‍योरेंस में बदल सकते हैं. तो क्‍या है इसे पोर्ट करने का तरीका और किन चीजों का रखना होगा ध्‍यान आइए जानते हैं.

पोर्ट करने के लिए करें ये काम

कंपनी की ओर से कराए गए हेल्‍थ बीमा को व्‍यक्तिगत बीमा में तब्‍दील करने के लिए पॉलिसीधारक को पॉलिसी समाप्त होने से 45-60 दिन पहले बीमाकर्ता को इसे पोर्ट कराने की सूचना देनी होगी. इसके लिए उन्‍हें मौजूदा पॉलिसी के विवरण के साथ लिखित पोर्टेबिलिटी रिक्‍वेस्‍ट भेजनी होगी.

पोर्टेबिलिटी फॉर्म भरें

पुरानी पॉलिसी को नई पॉलिसी में शिफ्ट करने के लिए आवेदक को पोर्टेबिलिटी और प्रस्ताव फ़ॉर्म भरना होगा. इस फॉर्म में पर्सनल विवरण, पिछली पॉलिसी की जानकारी और क्‍लेम हिस्‍ट्री बतानी होगी.

दस्तावेज जमा करें

फॉर्म के साथ पॉलिसीधारक को अपने पहचान और पते का प्रमाण, पॉलिसी का विवरण और मेडिकल हिस्‍ट्री के दस्‍तावेज जमा करने होंगे. ये बीमाकर्ता को जोखिम का आकलन करने और लाभों की निरंतरता सुनिश्चित करने में मदद करते हैं.

अंडरराइटिंग मूल्यांकन

बीमाकर्ता आवेदक के मेडिकल हिस्‍ट्री और दावों सहित आवेदन की समीक्षा करेगा, जिसे अंडरराइटिंग असेसमेंट कहते हैं. इसके अलावा अतिरिक्त चीजों की जांच की जाएगी. इस मूल्‍यांकन के जरिए तय होगा कि क्या व्यक्तिगत पॉलिसी को समूह पॉलिसी के समान शर्तों पर जारी किया जा सकता है.

पॉलिसी जारी करना

बीमा कंपनी की ओर से अप्रूवल के बाद ग्रुप इंश्‍योंरेंस से वेटिंग पीरियड का एक गैप रखते हुए आवेदक को एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य पॉलिसी जारी की जाएगी. इसके बाद पॉलिसीधारक बीमाकर्ता की ओर से तय किए गए प्रीमियम का भुगतान करेगा.

क्‍या होता है ग्रुप हेल्‍थ इंश्‍योरेंस?

ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज किसी कंपनी, संगठन, एसोसिएशन या समुदाय की ओर से अपने कर्मचारियों के लिए किया जाता है. ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस एक प्रकार का हेल्थ इंश्योरेंस है जिसका लाभ नौकरीपेशा लोगों को मिलता है. यह कर्मचारियों को किसी भी संभावित स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने के लिए मुहैया कराई जाती है.

Latest Stories

140 करोड़ की आबादी, लेकिन इंश्योरेंस अभी भी दूर; फाइनेंशियल लिटरेसी सबसे बड़ी चुनौती

वैश्विक संकट के बीच इंश्योरेंस सेक्टर की बड़ी पहल, ARM की हुई शुरुआत, “Anthropic से लें सीख” – तपन सिंघल

सरकार का बड़ा फैसला, LIC में 20% FDI को हरी झंडी; जानें निवेशकों और पॉलिसीहोल्डर्स पर क्या होगा असर

सड़क हादसे में घायलों पर सरकार का मरहम, नहीं देना होगा मुआवजे पर टैक्स, ब्याज पर नहीं कटेगा TDS

परिपूर्ण मेडिक्लेम: वित्त मंत्रालय ने CGHS लाभार्थियों के लिए लॉन्च किया हेल्थ इंश्योरेंस प्लान, 20 लाख तक के सम इंश्योर्ड का ऑप्शन

सड़क हादसे के घायलों को अब 1 घंटे में मिलेगा 1.5 लाख तक कैशलेस इलाज, सरकार लाएगी नया हेल्‍थ प्‍लान, गडकरी का ऐलान