3 लाख करोड़ रुपये के IPO अटके, कतार में Jio और NSE का पब्लिक ऑफर; आखिर कब खत्म होगी सुस्ती?
India IPO Market: सेबी (SEBI) से मंजूरी पा चुकी करीब 144 कंपनियां लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं. पाइपलाइन में कई बड़े नाम शामिल हैं, जो हालात बेहतर होने पर प्राइमरी मार्केट की हलचल को फिर से तेज कर सकते हैं. इनमें NSE का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा IPO भी शामिल है.
India IPO Market: इस साल भारत का IPO बाजार काफी स्लो हो गया है. अब तक सिर्फ 19 कंपनियां ही प्राइमरी मार्केट में आई हैं. मार्केट में उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेश का बाहर जाना और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से कंपनियां अभी अपने पब्लिक इश्यू को ओपन करने के लिए माहौल को अनुकूल होने का इंतजार कर रही हैं. इतनी बड़ी पाइपलाइन के मौजूद होने के बावजूद, बाजार में हलचल काफी धीमी है.
ईटी के अनुसार, सेबी (SEBI) से मंजूरी पा चुकी करीब 144 कंपनियां लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं, जबकि 63 अन्य कंपनियां, जो करीब 1.37 लाख करोड़ रुपये जुटाना चाहती हैं, अभी भी रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं.
कतार में लाखों करोड़ के IPO
कुल मिलाकर इससे 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के IPO कतार में लग गए हैं. फिलहाल के लिए कंपनियां इंतजार करना ही बेहतर समझ रही हैं. निफ्टी पर दबाव बना हुआ है, निवेशकों का मूड कमजोर है और विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं. ईरान में चल रहे संघर्ष और तेल की कीमतों में तेजी से हो रहे उतार-चढ़ाव ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है, जिससे कंपनियों के लिए अपने ऑफर ओपन करना एक मुश्किल भरा माहौल बन गया है.
NSE और JIO के IPO का इंतजार
इस पाइपलाइन में कई बड़े नाम शामिल हैं, जो हालात बेहतर होने पर प्राइमरी मार्केट की हलचल को फिर से तेज कर सकते हैं. इनमें NSE का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा IPO भी शामिल है, जिससे 20,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए जा सकते हैं और Jio Platforms भी है, जिसके बारे में उम्मीद है कि यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी लिस्टिंग होगी, जिसका संभावित इश्यू साइज करीब 40,000 करोड़ रुपये होगा.
कतार में शामिल अन्य बड़े ऑफर में Flipkart भी है, जिसने संभावित लिस्टिंग से पहले अपनी होल्डिंग स्ट्रक्चर को भारत में ट्रांसफर कर दिया है. इसके अलावा एसेट मैनेजर SBI Funds Management और Zepto और PhonePe जैसी कंपनियां भी इस सूची में शामिल हैं.
कैसे बढ़ेगी बाजार में हलचल?
बाजार के जानकारों का मानना है कि एक बार सेकेंडरी बाजार स्थिर हो जाएं और विदेशी निवेश वापस आने लगे, तो मार्केट में हलचल बढ़ जाएगी. इतने बड़े बैकलॉग को देखते हुए, जैसे ही बाजार का माहौल अनुकूल होगा, IPO लॉन्च की रफ्तार बढ़ सकती है.
ऐतिहासिक रूप से, IPO बाजार सायकिल में चलते हैं. कमजोर सेंटीमेंट के दौर में अक्सर लिस्टिंग में रुकावट आती है, लेकिन इससे वैल्यूएशन को ठीक करने और प्राइसिंग में अनुशासन लाने में भी मदद मिलती है. यह दौर आखिरकार निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि कंपनियां उम्मीदों के साथ बाजार में आती हैं.
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