जून 2026 तक आ सकता है Reliance Jio IPO, ₹36000 करोड़ के इश्यू से बन सकता है भारतीय बाजार का रिकॉर्ड
भारत के पूंजी बाजार में एक बड़े टेक-डिजिटल खिलाड़ी की एंट्री की तैयारी निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. संभावित वैल्यूएशन, इश्यू साइज और टाइमलाइन को लेकर बाजार में हलचल तेज है, जिसे ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.
Reliance Jio IPO Updates: भारत के आईपीओ बाजार में अब तक का सबसे बड़ा इवेंट सामने आने की तैयारी में है. देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल कंपनी Reliance Jio Platforms को लेकर आईपीओ की चर्चाएं तेज हो गई हैं. कई रिपोर्ट्स से संकेत मिल रहे हैं कि जियो को शेयर बाजार में लाने की तैयारी अंतिम चरण में है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो यह आईपीओ भारतीय प्राइमरी मार्केट के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है.
जून 2026 तक आ सकता है Reliance Jio IPO
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 48वीं AGM में ग्रुप चेयरमैन Mukesh Ambani ने ऐलान किया था कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 2026 की पहली छमाही में लाने की तैयारी की जा रही है. इस हिसाब से, बाजार से जुड़े जानकारों के मुताबिक, जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद जियो के शेयर जून 2026 तक बाजार में दस्तक दे सकते हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ग्रुप जियो प्लेटफॉर्म्स में अपनी करीब 2.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है. इस हिस्सेदारी बिक्री के आधार पर जियो का आईपीओ करीब 4 अरब डॉलर (36000 करोड़ रुपये के लगभग) का हो सकता है. भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 33,000 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है. अगर ऐसा होता है, तो यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा, जो 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 3.3 अरब डॉलर के आईपीओ से भी बड़ा होगा.
Reliance Jio की वैल्यूएशन कितनी हो सकती है
निवेश बैंकों के अनुमान के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से लेकर 170 अरब डॉलर के बीच हो सकती है. वहीं, इन्वेस्टमेंट बैंक जेफरीज ने नवंबर 2025 में जियो की वैल्यूएशन करीब 180 अरब डॉलर आंकी थी. इस वैल्यूएशन पर 2.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने से करीब 4.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं.
IPO में देरी क्यों हुई
मुकेश अंबानी ने पहली बार 2019 में जियो को लिस्ट करने का संकेत दिया था. उस समय कहा गया था कि पांच साल के भीतर आईपीओ लाया जाएगा. हालांकि बाद में इस प्लान को आगे बढ़ा दिया गया. जेरोधा की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी डिजिटल और टेक से जुड़े नए बिजनेस में विस्तार कर अपनी वैल्यूएशन और मजबूत करना चाहती थी. भारत के आईपीओ बाजार में अब तक का सबसे बड़ा इवेंट सामने आने की तैयारी में है.
आने वाले समय में जियो को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है. एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक भारत में इंटरनेट सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है. इसके साथ ही जियो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एनवीडिया के साथ साझेदारी भी की है. इससे कंपनी की लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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IPO की तैयारी में बड़े बैंक
हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर बैंकरों की नियुक्ति नहीं हुई है, लेकिन रॉयटर्स के अनुसार मॉर्गन स्टैनली और कोटक महिंद्रा कैपिटल के बैंकर रिलायंस के साथ मिलकर आईपीओ से जुड़े दस्तावेजों पर काम कर रहे हैं.
भारत का आईपीओ बाजार पहले ही दुनिया में मजबूत स्थिति बना चुका है. 2025 में भारत वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा प्राइमरी इक्विटी मार्केट रहा था. ऐसे में जियो का आईपीओ न सिर्फ निवेशकों के लिए बड़ा मौका होगा, बल्कि यह भारतीय शेयर बाजार की गहराई और वैश्विक महत्व को भी और मजबूत करेगा.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.