इस मेनबोर्ड IPO पर आया SBI सिक्योरिटी की रिपोर्ट, सब्सक्राइब करने की दी सलाह; GMP में भी हलचल तेज

ऑटो एंसिलरी सेक्टर की इस टेक्नोलॉजी कंपनी का मेनबोर्ड IPO 4 से 6 मार्च तक खुला रहेगा. SBI सिक्योरिटीज ने इसे लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है. हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम में हाल के दिनों में तेज गिरावट आई है, जिससे संकेत मिलते हैं कि लिस्टिंग गेन सीमित रह सकते हैं, लेकिन मजबूत R&D और मार्केट लीडरशिप इसे लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है.

मेनबोर्ड आईपीओ पर एसबीआई सिक्योरिटीज Image Credit: @Money9live

SEDEMAC Mechatronics IPO GMP and Brokerage: ऑटो एंसिलरी सेक्टर की टेक्नोलॉजी-ड्रिवन कंपनी SEDEMAC Mechatronics Ltd. (SML) का मेनबोर्ड IPO बुधवार, 4 मार्च को खुल रहा है और 6 मार्च को बंद होगा. इश्यू का प्राइस बैंड 1,287 रुपये से 1,352 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. इस पब्लिक इश्यू को लेकर ब्रोकरेज हाउस SBI सिक्योरिटीज ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट जारी करते हुए इसे लॉन्ग टर्म के लिए “SUBSCRIBE” की रेटिंग दी है. ग्रे मार्केट में भी हलचल तेज बताई जा रही है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी साफ झलकती है. हालांकि ब्रोकरेज का मानना है कि लिस्टिंग गेन सीमित रह सकते हैं और निवेश का नजरिया लंबी अवधि का होना चाहिए.

इश्यू की डिटेल्स

इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है और कुल इश्यू साइज लगभग 1,087.5 करोड़ रुपये है. कुल 80,43,300 शेयर ऑफर किए जा रहे हैं. पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप करीब 5,684 रुपये से 5,971 करोड़ रुपये के दायरे में आ सकती है. लॉट साइज 11 शेयर का है और उसके मल्टीपल में बोली लगाई जा सकती है. QIB के लिए 50 फीसदी, रिटेल के लिए 35 फीसदी और NII के लिए 15 फीसदी रिजर्व है. कर्मचारियों को 128 रुपये प्रति शेयर की छूट दी गई है.

कंपनी की मौजूदगी और क्लाइंट लिस्ट

कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो व्यापक है, जिसमें ISG ECU, EFI ECU, ISG+EFI ECU, EV मोटर कंट्रोलर और जेनसेट कंट्रोल यूनिट्स शामिल हैं. दिसंबर 2025 तक SML 1 करोड़ से अधिक कंट्रोलर यूनिट्स बेच चुकी है, जो इसकी स्केल और एक्जीक्यूशन कैपेसिटी को दर्शाता है. भारत के साथ-साथ अमेरिका और यूरोप में भी कंपनी की मौजूदगी है. TVS Motor इसका सबसे बड़ा ग्राहक है, जबकि Hero MotoCorp, Bajaj Auto, Mahindra, Kirloskar Oil Engines और Generac जैसे नाम भी क्लाइंट लिस्ट में शामिल हैं.

ग्रे मार्केट का हाल?

ग्रे मार्केट पर कंपनी का इश्यू उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है. सोमवार, 2 मार्च को इश्यू का जीएमपी 0.30 फीसदी के प्रीमियम यानी 4 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. एक दिन पहले यानी रविवार, 1 मार्च को ग्रे मार्केट प्रीमियम 0.81 फीसदी यानी 11 रुपये था. वहीं, कुछ दिन और पहले जाए तो इश्यू का जीएमपी पिछले महीने की 26 तारीख को 9.62 फीसदी यानी 130 रुपये पर था. यानी उस वक्त प्रति लॉट लिस्टिंग गेन के संकेत 1430 रुपये थे जो अब घटकर मात्र 44 रुपये हो गए हैं.

कंपनी के बारे में

पुणे स्थित SEDEMAC Mechatronics कंट्रोल-इंटेंसिव Electronic Control Units (ECUs) डिजाइन, डेवलप और मैन्युफैक्चर करती है, जो दोपहिया/तीनपहिया, ईवी, हल्के वाणिज्यिक वाहनों और जेनसेट जैसे औद्योगिक उपयोगों में काम आते हैं. कंपनी की खासियत इसका मजबूत इन-हाउस R&D मॉडल और OEM प्लेटफॉर्म में शुरुआती चरण से “डिजाइन-इन” इंटीग्रेशन है. यही वजह है कि एक बार किसी वाहन या इक्विपमेंट के प्लेटफार्म में कंपनी का सॉल्यूशन शामिल हो जाए तो सप्लायर बदलना तकनीकी और व्यावसायिक रूप से आसान नहीं होता- जो लंबे समय की राजस्व दृश्यता देता है.

कितने फीसदी मार्केट पर है कंट्रोल?

मार्केट पोजिशन की बात करें तो भारत में 2W/3W सेगमेंट के ISG ECU में लगभग 35 फीसदी मार्केट शेयर और जेनसेट कंट्रोलर मार्केट में 75–77 फीसदी हिस्सेदारी (9MFY26) कंपनी की मजबूत पकड़ को दिखाती है. वैश्विक स्तर पर भी FY25 में जेनसेट कंट्रोलर और EFI ECU सेगमेंट में करीब 14 फीसदी हिस्सेदारी बताई जाती है. टेक्नोलॉजी में बढ़त का अंदाजा इस बात से भी लगता है कि कंपनी का R&D सेंटर DSIR-अप्रूव्ड है, 12 पेटेंट मिल चुके हैं और 11 और प्रक्रिया में हैं. रेवेन्यू का 6.7 फीसदी से 10.3 फीसदी तक हिस्सा लगातार R&D पर खर्च किया जाता है. भारत में Sensor-less Commutation (SLC) बेस्ड ISG ECU विकसित करने वाली यह पहली कंपनी रही है.

कैसा है वित्तीय प्रदर्शन?

वित्तीय प्रदर्शन भी निवेशकों का ध्यान खींचता है. FY23 से FY26E (एनुअलाइज्ड) के बीच कंपनी का राजस्व CAGR 34 फीसदी, EBITDA CAGR 64 फीसदी और PAT CAGR 123 फीसदी रहा है. यह ग्रोथ प्रोफाइल बताता है कि कंपनी ऑपरेटिंग लीवरेज और प्रोडक्ट मिक्स के जरिए मार्जिन सुधारने में सक्षम रही है. हालांकि ऊपरी प्राइस बैंड 1,352 रुपये पर इश्यू का वैल्यूएशन FY26E P/E के करीब 62.6 गुना बैठता है, जो प्रीमियम माना जा सकता है. ब्रोकरेज का तर्क है कि हाई-एंट्री बैरियर्स, क्रिटिकल एप्लीकेशन प्रोडक्ट्स और मजबूत OEM रिलेशनशिप इस वैल्यूएशन को सपोर्ट करते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में बड़े लिस्टिंग गेन की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए.

क्या है रिस्क फैक्टर?

रिस्क पर नजर डालें तो बड़े ग्राहकों पर निर्भरता, ऑटो इंडस्ट्री की साइक्लिकल प्रकृति और हाई वैल्यूएशन ऐसे फैक्टर हैं जिन्हें निवेशकों को ध्यान में रखना चाहिए. फिर भी टेक्नोलॉजी-इंटेंसिव ऑटो कंपोनेंट स्पेस में कंपनी की पोजिशनिंग, मजबूत R&D और ग्लोबल OEM इंटीग्रेशन इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं. कुल मिलाकर SBI सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक यह इश्यू लॉन्ग टर्म ग्रोथ थीम पर दांव लगाने वालों के लिए सही है. अगर आप अल्पकालिक लिस्टिंग पॉप के बजाय टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बिजनेस में धैर्य के साथ निवेश करना चाहते हैं, तो यह IPO आपके पोर्टफोलियो में जगह बना सकता है.

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डिसक्लेमर: इस खबर में GMP से संबंधित जानकारी दी गई है. मनी9लाइव का GMP तय करने से कोई संबंध नहीं है. मनी9लाइव निवेशकों को यह भी सचेत करता है कि केवल जीएमपी के आधार पर निवेश पर फैसला नहीं करें. निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल जरूर देखें और एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.