Gold ETF vs Silver ETF: गोल्ड और सिल्वर ETF में बंपर रैली! जानें कहां हुई ज्यादा कमाई, अब किसमें है मौका
सोना और चांदी की कीमतों में पिछले दो वर्षों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. जहां गोल्ड सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत बना हुआ है, वहीं सिल्वर ने इंडस्ट्रियल डिमांड के दम पर शानदार रिटर्न दिया. ऐसे में निवेशकों के बीच यह सवाल तेजी से बढ़ रहा है कि 2026 में गोल्ड ETF बेहतर रहेगा या सिल्वर ETF.
Gold ETF vs Silver ETF: पिछले डेढ़ साल में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. जहां गोल्ड की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली, वहीं सिल्वर ने उससे भी ज्यादा दमदार प्रदर्शन किया. बढ़ती महंगाई, वैश्विक तनाव, डॉलर पर घटती निर्भरता और इंडस्ट्रियल डिमांड ने इन दोनों धातुओं को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है. ऐसे में निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2026 में गोल्ड ETF बेहतर रहेगा या सिल्वर ETF?
क्या होते हैं गोल्ड और सिल्वर ETF?
गोल्ड ETF और सिल्वर ETF ऐसे एक्सचेंज ट्रेडेड फंड होते हैं जो सोना और चांदी की कीमतों को ट्रैक करते हैं. ये फंड असली सोना और चांदी अपने पास रखते हैं और निवेशकों को बिना फिजिकल मेटल खरीदे निवेश का मौका देते हैं. इन ETF की सबसे बड़ी खासियत यह है कि निवेशकों को सोना-चांदी रखने, सेफ्टी और इंश्योरेंस की चिंता नहीं करनी पड़ती. इन्हें शेयर की तरह बाजार में आसानी से खरीदा और बेचा जा सकता है.
सोना और चांदी में इतनी बड़ी तेजी क्यों?
World Gold Council की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण दुनिया के केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी रही. कई देशों ने अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए बड़े पैमाने पर सोना खरीदा. इसके अलावा ब्याज दरों में कटौती, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव ने भी गोल्ड को सपोर्ट दिया.

वहीं सिल्वर की कहानी थोड़ी अलग रही. चांदी को सुरक्षित निवेश के साथ-साथ इंडस्ट्रियल डिमांड का भी फायदा मिला. सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, 5G नेटवर्क, मेडिकल डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग ने सिल्वर की कीमतों को तेजी से ऊपर पहुंचाया. 2025 में सिल्वर की सप्लाई मांग के मुकाबले कम रही, जिससे कीमतों में और उछाल आया.

Gold ETF- Silver ETF में किसने दिया ज्यादा रिटर्न?
पिछले 5 सालों में गोल्ड ETF ने मजबूत रिटर्न दिए हैं. SBI Gold ETF ने करीब 210% तक का रिटर्न दिया, जबकि Nippon India Gold ETF और ICICI Prudential Gold ETF ने भी 206% से ज्यादा रिटर्न कमाए.
| ETF का नाम | 1 वर्ष रिटर्न | 3 वर्ष रिटर्न | 5 वर्ष रिटर्न |
|---|---|---|---|
| निप्पॉन इंडिया गोल्ड ETF | 66.73% | 160.28% | 206.26% |
| ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ETF | 70.81% | 154.10% | 208.60% |
| SBI गोल्ड ETF | 64.45% | 150.47% | 210.40% |
लेकिन सिल्वर ETF ने गोल्ड ETF को काफी पीछे छोड़ दिया. HDFC Silver ETF ने करीब 376% का रिटर्न दिया, जबकि Nippon India Silver ETF ने 319% और ICICI Prudential Silver ETF ने लगभग 294% का रिटर्न दिया.
| ETF का नाम | 1 वर्ष रिटर्न | 3 वर्ष रिटर्न | 5 वर्ष रिटर्न |
|---|---|---|---|
| निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF | 172.81% | 251.23% | 319.67% |
| ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF | 173.91% | 254.86% | 294.29% |
| HDFC सिल्वर ETF | 172.98% | 250.18% | 376.10% |
यानी रिटर्न के मामले में सिल्वर ETF ने निवेशकों को ज्यादा कमाई कराई. ऐसा होना स्वाभाविक भी है क्योंकि सोना की तुलना में चांदी ज्यादा महंगी हुई है.
2026 में किस ETF में निवेश करना चाहिए?
अगर निवेशक स्थिरता और कम जोखिम चाहते हैं तो गोल्ड ETF बेहतर विकल्प माना जा सकता है. सोना आर्थिक अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव चांदी की तुलना में कम रहता है.
दूसरी तरफ, सिल्वर ETF ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं, लेकिन इनमें उतार-चढ़ाव भी ज्यादा होता है. चांदी की कीमतें इंडस्ट्रियल मांग पर काफी निर्भर करती हैं, इसलिए इसमें तेजी और गिरावट दोनों तेज हो सकती हैं. ऐसे में निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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