IDFC First Bank में ₹8000 करोड़ से ज्यादा है म्यूचुअल फंड्स का निवेश, जानें किन MF का कितना बड़ा है दांव?
IDFC First Bank में 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड के बाद शेयर में भारी गिरावट आई, जिससे म्यूचुअल फंड्स का बड़ा निवेश भी दबाव में आ गया. करीब 8,281 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 30 से ज्यादा फंड हाउस इस बैंक में हिस्सेदार हैं, जिनमें Tata, HDFC, SBI और ICICI जैसे बड़े नाम शामिल हैं.
IDFC First Bank and Mutual Fund Stake: IDFC First Bank के लिए सोमवार बेहद भारी साबित हुआ. चंडीगढ़ की एक ब्रांच में सामने आए करीब 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड ने निवेशकों का भरोसा झकझोर दिया. जैसे ही बाजार को पता चला कि घोटाले की रकम बैंक के पूरे तिमाही मुनाफे से भी ज्यादा है, शेयर में जबरदस्त बिकवाली शुरू हो गई. नतीजा यह हुआ कि एक ही दिन में बैंक की 14,438 करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू उड़ गई. यह मामला 18 फरवरी 2026 को सामने आया, जब हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ विभागों ने अपने खातों के वास्तविक बैलेंस और रिकॉर्ड में दिखाए गए आंकड़ों में अंतर पाया.
शुरुआती जांच में गड़बड़ी चंडीगढ़ शाखा के कुछ सरकारी खातों तक सीमित पाई गई है. ऐसे में निवेशकों के बीच ये जानने की दिलचस्पी भी बढ़ गई कि किन म्यूचुअल फंड्स ने IDFC First Bank में कितना दांव लगाया है.
किन म्यूचुअल फंड्स का कितना दांव?
AMC के डेटा के मुताबिक, 31 जनवरी 2026 तक म्यूचुअल फंड्स के पास IDFC First Bank के करीब 99 करोड़ शेयर थे, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 8281 करोड़ रुपये थी. कुल मिलाकर 34 एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) और दो SIFs का इस शेयर में निवेश है.
- Tata Mutual Fund के पास सबसे ज्यादा, करीब 14.12 करोड़ शेयर (करीब 1,180 करोड़ रुपये वैल्यू) थे.
- HSBC Mutual Fund और Motilal Oswal Mutual Fund के पास 8.53 करोड़-8.53 करोड़ शेयर थे.
- Edelweiss Mutual Fund के पास 6.05 करोड़ शेयर.
- HDFC Mutual Fund और Nippon India Mutual Fund के पास क्रमशः 5.95 करोड़ और 5.57 करोड़ शेयर.
- ICICI Prudential और SBI Mutual Fund के पास 3.72 करोड़-3.72 करोड़ शेयर.
- Kotak Mutual Fund के पास 3.69 करोड़ शेयर (करीब 308 करोड़ रुपये की वैल्यू).
- Aditya Birla Sun Life Mutual Fund के पास 3.52 करोड़ शेयर.
- PPFAS Mutual Fund के पास 1.05 करोड़ शेयर.
इसके अलावा Helios, Invesco, Quant (QSIF), JioBlackRock और Angel One Mutual Fund जैसे अन्य फंड्स का भी सीमित एक्सपोजर है.
बैंक ने क्या कार्रवाई की?
मामले के सामने आते ही बैंक ने चार संदिग्ध ब्रांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और वैधानिक ऑडिटर्स को सूचित किया गया है. स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच के लिए KPMG को नियुक्त किया गया है. 20 फरवरी को बोर्ड की स्पेशल कमेटी ने बैठक की, जिसके बाद 21 फरवरी को ऑडिट कमेटी और पूर्ण बोर्ड की मीटिंग हुई. बैंक ने भरोसा दिलाया है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है.
हरियाणा सरकार ने भी उठाया कदम
इस घटना का असर सिर्फ बैलेंस शीट तक सीमित नहीं रहा. हरियाणा सरकार ने IDFC First Bank को अपने पैनल से हटा दिया है और राज्य के सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे बैंक में अपने खाते बंद करें. इसी सूची में AU Small Finance Bank का नाम भी शामिल है. सरकार का यह कदम बैंक की साख पर बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे सरकारी और संस्थागत कारोबार पर दबाव पड़ सकता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.