कम रिस्क के साथ बेहतर रिटर्न! क्या मनी मार्केट फंड एक बेहतर विकल्प होगा? जानें ये फंड कैसे है अलग?
इन फंड में निवेश करने से पहले निवेशकों को सिर्फ ज्यादा यील्ड के पीछे नहीं भागना चाहिए. सबसे जरूरी है पोर्टफोलियो की क्वालिटी और लिक्विडिटी को समझना. खास तौर पर यह देखना चाहिए कि फंड किन इंस्ट्रूमेंट में निवेश कर रहा है और उनका क्रेडिट प्रोफाइल क्या है.
अगर आपके पास कुछ समय के लिए अतिरिक्त पैसा पड़ा है और आप उसे कम जोखिम के साथ बेहतर रिटर्न देना चाहते हैं, तो Money Market Funds एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं. ये फंड खास तौर पर छोटे समय के लक्ष्यों के लिए सही माने जाते हैं, जहां कम उतार-चढ़ाव और स्थिर रिटर्न की जरूरत होती है. Money Market Funds हाई क्रेडिट क्वालिटी और ज्यादा लिक्विडिटी वाले मार्केट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं. इनमें अवधि का जोखिम सीमित रहता है और पोर्टफोलियो आम तौर पर अच्छी तरह डायवर्सिफाइड होता है, जिससे किसी एक इंस्ट्रूमेंट में ज्यादा जोखिम नहीं रहता. ये ओपन-एंडेड फंड होते हैं, इसलिए निवेशक जरूरत पड़ने पर पैसा निकाल सकते हैं, हालांकि कुछ मामलों में एग्जिट लोड लग सकता है.
शॉर्ट टर्म रेट के साथ तालमेल
Money Market Funds का रिटर्न आम तौर पर मौजूदा शॉर्ट टर्म ब्याज दरों के ट्रेंड के साथ चलता है. अगर पॉलिसी रेट स्थिर रहने की उम्मीद हो तो ये स्ट्रक्चर अच्छा काम करता है. वहीं अगर शॉर्ट टर्म रेट बढ़ते हैं तो ये फंड अपेक्षाकृत जल्दी खुद को एडजस्ट भी कर लेते हैं.
Liquid Funds से ज्यादा रिटर्न की संभावना
Money Market Funds और Liquid Funds में मुख्य अंतर उनकी मैच्योरिटी अवधि का है. Liquid Funds केवल 91 दिन तक की अवधि वाले इंस्ट्रूमेंट में निवेश कर सकते हैं, जबकि Money Market Funds 1 साल तक की मैच्योरिटी वाले इंस्ट्रूमेंट में निवेश कर सकते हैं. इससे उन्हें थोड़ी लंबी अवधि और व्यापक निवेश विकल्प मिलते हैं, जो मामूली ज्यादा यील्ड दिला सकते हैं.
पोर्टफोलियो क्वालिटी पर रखें नजर
इन फंड में निवेश करने से पहले निवेशकों को सिर्फ ज्यादा यील्ड के पीछे नहीं भागना चाहिए. सबसे जरूरी है पोर्टफोलियो की क्वालिटी और लिक्विडिटी को समझना. खास तौर पर यह देखना चाहिए कि फंड किन इंस्ट्रूमेंट में निवेश कर रहा है और उनका क्रेडिट प्रोफाइल क्या है.
कितना हो होल्डिंग पीरियड
Money Market Fund में आदर्श निवेश अवधि आम तौर पर 3 महीने से 1 साल के बीच मानी जाती है. यह समयावधि फंड को छोटे मोटे ब्याज दर उतार-चढ़ाव को संभालने का मौका देती है और निवेशक को पूरे एक्रुअल यील्ड का फायदा मिलता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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