अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्या भारतीय शेयर बाजार होगा गुलजार, जानें क्या हैं संकेत
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है. ट्रंप द्वारा नए 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ की घोषणा ने साफ कर दिया है कि प्रोटेक्शनिस्ट नीति अभी भी जारी रहेगी. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन और अमेरिका की सैन्य गतिविधियों ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है.
भारतीय बाजार के लिए सोमवार का दिन काफी अहम साबित हो सकता है. अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को रद्द कर दिया. हालांकि, फैसले के कुछ घंटों बाद ही ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत का ग्लोबल टैरिफ साइन कर दिया. इन घटनाक्रमों के बाद सोमवार को ग्लोबल बाजारों के साथ-साथ दलाल स्ट्रीट में भी हलचल देखने को मिल सकती है. साथ ही टैरिफ को लेकर अनिश्चितता और करीब 175 अरब डॉलर के टैरिफ रिफंड को लेकर स्थिति साफ न होने से सोना और चांदी की कीमतों पर भी असर पड़ने की उम्मीद है.
दलाल स्ट्रीट के लिए क्या संकेत?
जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए राहत भरा है, खासकर उन कंपनियों के लिए जिनकी अमेरिकी बाजार में अच्छी हिस्सेदारी है. यह फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी जीत है. टेक्सटाइल और जेम्स जैसे श्रम आधारित सेक्टर ज्यादा प्रभावित थे.
Gift Nifty क्या इशारा दे रहा है?
निफ्टी 50 जहां 25571 पर बंद हुआ, वहीं Gift Nifty में शानदार रैली देखने को मिली. 21 फरवरी दोपहर 2 बजे तक गिफ्ट निफ्टी करीब 300 अंक ऊपर कारोबार कर रहा था. यह साफ संकेत है कि सोमवार को बाजार गैप अप खुल सकता है. गिफ्ट निफ्टी के अनुमान को मानें तो सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ खुल सकता है.
सेक्टर आधारित टैरिफ पर असर नहीं
यह फैसला स्टील, एल्यूमीनियम जैसे सेक्टरों के टैरिफ पर असर नहीं डालेगा. इन सेक्टरों पर लगाए गए शुल्क अलग कानूनी प्रावधानों के तहत हैं और वे फिलहाल जारी रहेंगे.
सोने और चांदी पर क्या असर?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है. ट्रंप द्वारा नए 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ की घोषणा ने साफ कर दिया है कि प्रोटेक्शनिस्ट नीति अभी भी जारी रहेगी. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन और अमेरिका की सैन्य गतिविधियों ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है. ऐसे माहौल में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना और चांदी की मांग बनी रह सकती है.
इसे भी पढ़ें- रूस से भारत का तेल आयात 4 साल के निचले स्तर पर, मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ा झुकाव, क्या कहता है लेटेस्ट डेटा
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
NSE पर शुरू होगा 10 ग्राम का नया गोल्ड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट, 16 मार्च से निवेशकों को मिलेगा ट्रेडिंग का मौका
20% से ज्यादा OPM वाले ये 3 ऑटो स्टॉक्स, मजबूत मार्जिन, दमदार ग्रोथ; 5 साल में 283% रिटर्न
होली के दिन भी खुला रहेगा शेयर बाजार, इस साल कब-कब बंद रहेंगे NSE और BSE, जानें पूरी डिटेल्स
